मॉनिटर क्या है? LED और LCD | What is Monitor in Hindi?

आपने अपने कम्प्यूटर का Monitor तो देखा ही होगा, लेकिन दुनिया में  ऐसे भी कई मॉनीटर्स मौजूद हैं जिसे आपने शायद ही देखा है.

इस Article में आप जानेंगे की मॉनिटर क्या है (Monitor in Hindi) और कैसे काम करता है. आप इस Article में Monitor से जुडी सभी जानकारियों को जान जाओगे. 

सन 1964 में पहला मॉनिटर बनाया गया था जो CRT (Cathode Ray Tube) से बना था और आज हमारे पास Touch Screen वाले LCD (Liquid Crystal Display) जैसे Advance मॉनिटर हैं.

समय बदलने के साथ ही Monitors में काफी बदलाव हुए हैं, पहले Black और White स्क्रीन वाले मॉनिटर आते थे लेकिन आज के समय में यह कहीं देखने को भी नहीं मिलता है. तो चलिए जानतें हैं मॉनिटर क्या है (Monitor Kya Hai).

Monitor क्या है? (What is Monitor in Hindi)

मॉनिटर (Monitor) एक इलेक्ट्रॉनिक Output Device है जिसे VDT (Video Display Device) या VDU (Video Display Unit) भी कहा जाता है. इसका इस्तेमाल Images, Videos, Text, और Graphic Information दिखाने के लिए किया जाता है.

मॉनिटर दिखने में TV की तरह ही होते हैं लेकिन Monitor का Resolution TV से काफो ज्यादा होता है. सन 1 मार्च 1973 को Xerox Alto कंपनी द्वारा पहला Computer Monitor बनाया गया था.

पुराने Monitors को बनाने के लिए Fluroscent Screen और CRT (Cathode Ray Tube) का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे मॉनीटर्स आकार में काफी बड़े होते थें और उन मॉनिटर्स का वजन भी बहुत ज्यादा होता था.

लेकिन आज के समय में हर एक मॉनिटर को बनाने के लिए Flat Panel Display टेक्नोलॉजी और LCD का इस्तेमाल किया जाता है. इससे मॉनिटर्स का आकर पहले के मुकाबले छोटा हो गया है.

मॉनिटर पर दिखाए जाने वाले कलर के आधार पर ये तीन प्रकार के होतें हैं.

मोनोक्रोम (Monochrome)

Mono का अर्थ होता है एक (Single) और Chrome का अर्थ होता है कलर (Color), तो Monochrome का अर्थ हुआ सिंगल कलर. इस प्रकार के कम्प्यूटर मॉनिटर Output के रूर्प में सिर्फ दो कलर दिखा पाते थे Black और White. 

ग्रे-स्केल (Grey-Scale)

इस प्रकार के Monitor मोनोक्रोम मॉनिटर जैसे ही होतें हैं लेकिन इसका आउटपुट Grey Shade color में होता है.

कलर मॉनिटर (Color Monitor)

इस तरह के Monitors RGB (Red Green Blue) कलरों के सयोंजन से विभिन्न कलर आउटपुट में दिखाती है.

कम्प्यूटर Memory के क्षमता अनुसार ये मॉनीटर्स 16 से लेकर 16 लाख विभिन्न कलरों में आउटपुट दिखा सकती है. इस प्रकार के Monitors के Resolution भी काफी ज्यादा होते हैं.

Monitor क्या काम करता है (Function of Monitor in Hindi)

मॉनिटर का मुख्य काम होता है Screen पर आउटपुट को दिखाना, Computer Monitor कम्प्यूटर के Video Graphics Card से connected रहता है. जब Video Card Binary Information को convert करता है Images में, तब इन Images को Connected मॉनिटर पर Output के रूप में दिखाया जाता है.

उसी तरह जब Video Card किसी Video को प्रोसेस करके Binary Information (0s और 1s) को convert करता है वीडियो फॉर्म में, तब जो मॉनिटर एडाप्टर वीडियो card से conneted रहता है वह वीडियो को Screen पर दिखाता है.

मॉनिटर का इस्तेमाल भी इसीलिए ही किया जाता है ताकि users मशीन यानी कम्प्यूटर से आसानी से Interaction कर पाए. 

Monitor के प्रकार (Types of Monitor in Hindi)

कम्प्यूटर मॉनिटर का बहुत सारे प्रकार हैं, तो चलिए जानतें हैं सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाले Monitors के बारे में.

1. CRT Monitor (Cathode Ray Tube)

2. LCD Monitor (Liquid Crystal Display)

3. LED Monitor (Light Emitting Diode)

4. OLED Monitor 

5. Plasma Monitor 

CRT Monitors in Hindi

CRT Monitors को बनाने के लिए Vacuum Tubes, Heaters, Electron Guns, Deflection Circuit, और Glass Screen का इस्तेमाल किया जाता है. Cathode RayTube का इस्तेमाल करके मॉनिटर स्क्रीन पर Images और Videos दिखाए जातें हैं.

Monitor in Hindi

सबसे पहले Cathode Ray Tubes के अंदर electron को produce किया जाता है, उसके बाद electron को Monitor Screen पर छोड़ा जाता है जिससे स्क्रीन Glow करता है और हमें Images और Videos दिखाई देते हैं.

CRT Monitors का इस्तेमाल आज के समय में नहीं होता है इसका इस्तेमाल पहले किया जाता था, इसके स्थान पर LED और LCD Monitors का इस्तेमाल काफी ज्यादा हो रहा है.

LCD Monitors in Hindi 

LCD का Full Form होता है Liquid Crystal Display, इसमें Pictures को Produce करने के लिए Monochrome Pixels का इस्तेमाल किया जाता है.

Monitor in Hindi
LCD Monitors

इन Pixels को Transparent Electrode और Polarising Filter के बीच Arrange किया जाता है. उसके बाद Pixels को Polarized किया जाता है जिससे स्क्रीन पर Images Produce होते हैं.

इसकी सबसे ख़ास बात यह है की यह कम Energy का इस्तेमाल करके काफी अच्छा Graphics Quality Produce करता है. इसका Size 17 inch से लेकर 60 inch तक होता है और आज के समय में इसका इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है.

LED Monitors in Hindi

LED का पूरा नाम है Light Emitting Diode, इसके नाम से ही मालूम पड़ता है की यह Images को Produce करने के लिए Diode का इस्तेमाल करता है Back Lighting के जरिए. यह Flat Screen और Flat Panel से बना हुआ होता है.

Monitor in Hindi
LED Monitors

CRT और LCD की तुलना में LED काफी कम Energy का इस्तेमाल करता है. LED हमेशा Higher Contrast वाली Images को Produce करता है. 

अगर बात करें इसकी Design की तो यह थोड़ी पतला होता है और ज्यादा Heat का निर्माण भी नहीं करता है और साथ में ही यह Environment Friendly भी होता है.

आज के समय में इसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा दिया जाता है. लेकिन यह काफी Expensive है इसका सिर्फ यही एक Downside है.

OLED Monitors in Hindi

OLED का पूरा नाम होता है Organic Light Emitting Diode, यह Organic Material से बना हुआ होता है जैसे की Polymer, Plastic, और Carbon.

Monitor in Hindi

OLED को Images Produce करने के लिए Back Lighting यानी अलग से Light देनें की जरुरत नहीं पड़ती है.

यह आज के समय की सबसे Advance Technology है और यह काफी Expensive भी होती है. इसका Contrast Level और Wide Viewing Angle काफी कमाल का होता है.

Plasma Monitor in Hindi

Plasma Monitor एक प्रकार का Flat Panel Display होता है जिसमे छोटे छोटे Cells होतें हैं और उन Cells में Plasma ( एक प्रकार का Ionized गैस) होता है.

Monitor in Hindi
Plasma Monitors

प्लाज्मा मॉनिटर Flat Panel Display वाला सबसे पहला मॉनिटर था. यह काफी हलके और पतले भी होते हैं उसी के साथ यह Low Power Consume करता है.

इसमें Images को Produce करने के लिए तीन Colors और गैस का इस्तेमाल किया जाता है. वो तीन कलर हैं Red, Green, Blue और उसके साथ ही नोबल गैस Xenon और Neon का भी इस्तेमाल Images को Produce करने के लिए किया जाता है.

निचे कुछ भविष्य के सबसे Advanced Monitors की List दी गयी है.

  • Organic Light-Emitting Transistor (OLET)
  • Surface Conduction Electron Emitter Display (SED)
  • Field Emission Display (FED)
  • Laser TV (Quantum Dot Liquid Crystal)
  • Ferro Liquid Display (FLD)
  • Thick Film Dielectric Electroluminescent (TDEL)
  • Telescopic Pixel Display (TPD)
  • Laser Phosphor Display (LPD)
  • MicroLED 
  • Quantum Dot Display (QD-LED)

Monitor की विशेषता (Characteristics of Monitor in Hindi)

अगर आप कोई मॉनिटर खरीदने जातें हैं तो निचे बताए गए विशेषताओं को जरूर ध्यान में रखना जैसे की Resolution, Refresh Rate, Bit Mapping, और Interlacing क्या होता है.

1. Resolution 

किसी भी मॉनिटर के डिस्प्ले में Resolution जितना अधिक होगा, Picture भी उतना ही स्पष्ट दिखेगा. मॉनिटर के डिस्प्ले छोटे छोटे Pixel से बने होतें हैं ये Pixels Red, Green, और Blue कलर के होते हैं.

Monitor के Display में Pixel Horizontally और Vertically मौजूद रहते हैं. उदाहरण के तौर पर अगर आपके कम्प्यूटर Monitor का display resolution है, 840 x 620 तो इसका मतलब यह हुआ की आपके मॉनिटर में Horizontally 840 pixels हैं और Vertically 620 Pixels हैं.

840 x 620 को गुणा करने पर आता है 520,800 इसका मतलब यह हुआ की आपके Monitor में कुल 520,800 Pixels हैं. Monitor Display में जितना अधिक Pixel होगा उतना ही अच्छा Monitor का Resolution होगा. 

2. Bit Mapping 

पुराने मॉनीटर्स में सिर्फ Text को ही Display किया जाता था इसलिए उसमे सिमित Pixal थे लेकिन आज के Advance मॉनीटर्स में Text के साथ वीडियो और Images भी दिखाया जाता है. इसलिए Text और Images को साथ में दिखाने के लिए Bit Mapping का निर्माण हुआ.

अच्छी Image Quality को Produce (निर्माण) करने के लिए प्रत्येक Pixal Operator द्वारा Bit Map Graphics को control किया जाता है. इसे ही Bit Mapping कहा जाता है.

3. Refresh Rate 

मॉनिटर के स्क्रीन पर आप जिस Image को देखतें हैं वह स्क्रीन पर एक झटके में नहीं load होता है बल्कि Pixel दर pixel दाएं से बाएं और ऊपर से निचे की ओर कुछ मिलीसेकंड में load होता है. इसे ही Refresh Rate कहा जाता है.

Dot Pitch एक प्रकार की मापन इकाई है जिसमे Pixel के बीच की दूरी को मिलीमीटर में मापा जाता है.pixel के बीच की दूरी जितना कम होगा वह Pixel उतना ही जल्दी Screen पर लोड भी होगा. 

4. Interlacing

जब मॉनिटर स्क्रीन पर Image लोड होता है तब उसे Line by Line Scan किया जाता है इसे ही Interlacing कहते हैं. इस तकनीक से Image का Resolution काफी बढ़ जाता है.

Image को Load करने के लिए 2 pass (step) का इस्तेमाल किया जाता है. पहले Pass में Image को स्कैन किया जाता है और एक एक Line छोड़कर Image लोड होता है उसके बाद दूसरी Pass में छूटी हुई Line को लोड किया जाता है. इससे पूरा Image स्क्रीन पर Load हो जाता है.

Coclusion :-

हमें आशा है की यह लेख (What is Monitor in hndi) पढ़ने  के बाद आपके Monitor से जुड़े कई सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे. 

आप अपने विचार और सुझाव को Comment में लिखकर हमें बता सकतें हैं.

Vikas Tiwari

विकास तिवारी इस ब्लॉग के मुख्य लेखक हैं. इन्होनें कम्प्यूटर साइंस से Engineering किया है और इन्हें Technology, Computer और Mobile के बारे में Knowledge शेयर करना काफी अच्छा लगता है.

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