Internet क्या है? | What is the Internet in Hindi?

आज के समय में दुनिया की लगभग आधी आबादी इंटरनेट से जुड़ा हुआ है. internet एक “महाजाल” होता है जिसमे दुनिया के सभी computers system आपस में जुड़े हुए होतें हैं और कुछ Protocals का पालन करके Information का आदान प्रदान करतें हैं. इंटरनेट को हिंदी में “अंतरजाल” कहा जाता है.

आज आप इस Article जानेंगे की Internet क्या है (What is Internet in Hindi), Internet का Meaning क्या है (Internet Meaning in Hindi), इंटरनेट का इस्तेमाल कहाँ होता है (Application of Internet in Hindi) जैसी और भी Internet की जानकारियां. 

यूट्यूब पर हर एक सेकंड में 72 घंटे लम्बी videos Upload की जाती है, Google पर हर एक सेकंड 40,000 Searches होती है. आप इन्ही बातों से अंदाजा लगा सकतें हैं की Internet का इस्तेमाल कितना अधिक किया जा रहा है.

आज के युग में जिनके पास laptop या फिर Smartphone है वे सभी लोग Internet से जुड़े हुए हैं और रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहें हैं. चाहे Online Electricity Bill भरना हो, Online Game खेलना हो, YouTube पर videos देखना हो या फिर WhatsApp का इस्तेमाल करना हो इन सभी का इस्तेमाल बना इंटरनेट के संभव नहीं है.

तो चलिए जानतें है की Internet क्या है (Internet Kya Hai in Hindi), इसका इतिहास क्या है, इसका मालिक कौन है, और यह कैसे काम करता है.

Internet क्या है? (What is Internet in Hindi)

इंटरनेट Computer Network का एक महाजाल है, जिसमे कई करोड़ों कम्प्यूटर्स आपस में जुड़े हुए होते हैं और कुछ नियमों (Protocols) के तहत Computers आपस में Information का आदान प्रदान करतें हैं. इंटरनेट को दुनिया की कई बड़ी बड़ी कम्पनीज मिलकर चलाती है. 

कम्प्यूटर्स जिन information को आपस में share करतें हैं वह Text, Image, Audio, video इनमे से कुछ भी हो सकता है. इंटरनेट की दुनिया में कम्प्यूटर्स को पहचानने के लिए हर एक Computer के पास उनका एक Unique IP Address होता है. IP Address को कुछ इस तरह लिखा जाता है “127.345.223.121” दुनिया के हर एक कम्प्यूटर का IP Address अलग अलग होता है इंटरनेट की दुनिया में उनको पहचाना जा सके.

Internet Connecting World

इंटरनेट से जो डाटा या Information आता है वह कई हज़ारों किलोमीटर का सफर तय करके आता है. समुन्द्र के निचे कई हज़ारो किलोमीटर लम्बी Cables बिछाए जाते हैं, ये Cables दुनिया के सभी देशों को आपस में जोड़ देतें हैं जिससे दुनिया के सभी computers भी आपस में जुड़ जातें हैं. ये Cables कई देशों को आपस में जोड़तें है जो की देखने में एक जाल या Net की तरह दिखता है.

Optical fiber cable in Hindi
Fiber Optic Cable

हर एक Cable Data Center से जुड़े होतें है, Data Center ऐसे कम्प्यूटर्स होतें हैं जहाँ पर Data या फिर Information स्टोर रहता है. 

Google का Data Center बहुत विशाल है जहाँ पर कई सारी जानकारियां स्टोर है और हमें जब भी किसी जानकारी जरुरत पड़ती है तो हम गूगल के वेबसाइट पर जा के Search करतें हैं.

जैसे की अगर आपको जानना है की Web Server क्या है तो सबसे पहले आप Google के वेबसाइट पर जायँगे और सर्च करेंगे “What is Web Server” और गूगल आपको इसका जवाब दे देगा। लेकिन गूगल का वेबसाइट आपके मोबाइल और लैपटॉप में तभी दिखाई देता है जब आपका Internet Connection ON रहता है.

इसका मतलब इंटरनेट से जुड़ने के लिए आपके पाद Router होना चाहिए या फिर किसी ISP कंपनी का SIM Card. जो आपका Router है किसी Local Network से Connected रहता है और Local Network उन Cables से जुड़ा हुआ होता है जो समुन्द्र के निचे से हमारे शहर तक पहुंचा रहता है.

और वे Cables Google के Data Center तक जुड़े हुए होतें हैं. जब भी हम कुछ गूगल पर कुछ Search करतें हैं तो उसी केबल के जरिये Information Google तक जाता है, जो भी जानकारी आपको चाहिए रहती है गूगल उसी Cable के जरिये आप तक भी पहुंचा देता है.

Internet कैसे काम करता है? (How the Internet Works in Hindi?)

अभी तक तो आप यह समझ ही गए हो की Internet क्या है (What is Internet in Hindi) लेकिन आपको यह जानना भी जरुरी है की यह काम कैसे करता है (How Internet Works in Hindi) तो चलिए जानते हैं की इंटरनेट कैसे काम करता है.

अभी तक तो आप यह समझ ही गए हो की इंटरनेट का मतलब होता है महाजाल जिसमे दुनिया के सभी कम्प्यूटर्स आपस में connected रहते हैं. Internet का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आपके mobile में किसी भी ISP (Internet Service Provider) का SIM होना चाहिए ताकि आप इंटरनेट चला सको.

जब आप अपने Mobile के इंटरनेट को ON करते हो तब आप Internet से Connect हो जाते हो इसका मतलब यह हुआ की अब आप दुनिया के सभी कम्प्यूटर्स की तरह आपका मोबाइल भी कई computers से connect हो सकता है .इंटरनेट को चालु करने के बाद जैसे ही आप Google Chrome पर कुछ भी search करतें है तो कई सारे websites का Result कुछ ही सेकण्ड्स में आपके मोबाइल Screen पर आ जाता है.

तो चलिए समझतें हैं की ऐसा कैसे हुआ, आप के मोबाइल में जिस भी कंपनी का SIM Card है उसे ISP कहा जाता है.उन कम्पनीज के पास उनका खुद का एक server होता है, और वह सर्वर उन Cables से Connected रहता है जो की समुन्द्र के निचे मौजूद है.

जो cable समुन्द्र के नीचे होतें हैं वे सभी Cables Google के Data Center से connected रहतें हैं. गूगल का डाटा center किसी भी देश में हो सकता है जैसे की America में, या फिर Canada में भी हो सकता है। 

अब आपने गूगल के वेबसाइट से search किया था इसलिए ISP का server आप द्वारा भेजे गए Request को Cable के जरिये अमेरिका में मौजूद गूगल के Data Center तक पहुंचा देता है. अब गूगल आपके Request को समझता है और उसी हिसाब से वह सही Information (Response) उसी Cable के जरिये ISP के server तक पहुंचाता है और ISP का server आप तक पहुंचा देता है.

एक कंप्यूटर दूसरे से कैसे connect होता है?

जैसा की आपने एक उदाहरण के जरिये समझा की internet काम कैसे करता है, लेकिन अब आपके मन में यह सवाल जरुर उठ रहा होगा की हमारा मोबाइल या फिर कंप्यूटर अन्य कम्प्यूटर्स या फिर Servers के address को कैसे पहचानता है?. 

Internet की दुनिया में जब भी कोई device आपसे में connect होता है तब उन्हें जरुरत पड़ती है ही एक दूसरे एक Address की जिसे टेक्निकल भाषा में IP Address या फिर Internet Protocol Address कहा जाता है.

Internet का मतलब (Internet Meaning in Hindi) अंतरजाल तो आप सभी को पता है, Protocol का मतलब होता है नियम। Internet की दुनिया में जब दो Device आपस में connect होतें तब वे कुछ नियम से हो कनेक्ट होते हैं, और Address का मतलब होता है पता.

जब आप अपने मोबाइल को Router के wifi से connect करते हो तब आपका मोबाइल उस router को एक address भेजता है, जो की कुछ ऐसा होता है “127.20.45.230” इसे ही IP Address कहा जाता है. 

जब आपका मोबाइल उस router के जरिये Internet इस्तेमाल करता है तब वह राऊटर आपके मोबाइल के इसी IP Address के जरिये information भेजता है और Recieve करता है. इससे दूसरे कम्प्यूटर्स जहाँ से information हमारे router में आता है और फिर मोबाइल में उनको यह मालूम रहता है की Information भेजना कहाँ है.

आपके Router का भी एक IP Addres होता है इसी से वह इंटरनेट से डाटा Recieve करता है और फिर आपके मोबाइल तक पहुंचा देता है. इंटरनेट पर जब जो डिवाइस या फिर दो कम्प्यूटर्स आपस में connect होतें हैं तब एक नियम का पालन करतें हैं जिसे TCP/IP कहा जाता है.

TCP/IP का अर्थ होता है (TCP/IP Meaning in Hindi) Transmission Control Protocol यह एक नियम है जो की इंटरनेट पर दो Device को आपस में जुड़ने के लिए जरूरी है.

TCP का काम होता है उन Messages को छोटे छोटे Packets में break करना जो की Internet पर Source द्वारा Transmit किया जाता है. और बाद में जब Data Packets अपने Destination तक पहुँच जाता है तब उन packets को orginal Message के रूप में फिर से एक एक करके जोड़ दिया जाता है. IP का काम होता है यह सुनिश्चित करना की क्या डाटा सही स्थान तक पहुँच पाया की नहीं। यह Address part को Handle करता है.

Internet का इतिहास? History of the Internet in Hindi 

Internet की खोज के पीछे (History of Internet in Hindi) शीत युद्ध का हाथ है, 1950 के दशक में अमेरिका और रूस के बीच शीत युद्ध चालू था इसलिए अमेरिका को यह डर था की, उनके सेना की मुख्य जानकारी रूस चुरा ना ले इसलिए अमेरिका की सेना ने सोचा की क्यों न हम अपने Information को share करने के लिए Computers को आपस में कनेक्ट कर दें.

Internet की खोज कब हुई ?

सन 7 फरवरी 1958 को अमेरिका के Defence Secretary ने सिक्योरिटी के तहत एक टीम का गठन किया जिसका नाम था ARPA (Advanced Research Projects Agency) इसका मुख्य काम था ऐसी Technolgy का निर्माण करना जो की कई सारे Computers को आपस में Connect कर सके.

1969 तक ARPA ने ऐसी Technology का निर्माण कर लिया था जिसके जरिये डाटा या फिर Information को एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर में भेजा जा सकता था. इसलिए इस Technology को ARPANet कहा जाने लगा था.

हालाँकि उस समय तक कुछ ही Computers आपस में जुड़े हुए थे. 1980 आते आते इसका नाम Internet पड़ गया था और असली इंटरनेट की शुरुआत तो तब हुई जब दो वैज्ञानिक Robert Kahn और Vinton Cerf ने TCP/IP Protocol की Technology का आविष्कार किया। 

Vinton Cerf को ही इंटरनेट के पिता (Father of Internet) के नाम से जाना जाता है.

Internet की शुरुआत कब हुई?

जब 1980 में TCP/IP Protocol का आविष्कार हुआ उसके तीन सालों बाद सन 1983 में इसे Internet Technology में इस्तेमाल किया जाने लगा. इस टेक्नोलॉजी के आने के बाद कई हज़ारों कम्प्यूटर आपस में जुड़ गए थे. इंटरनेट की सही शुरआत इसी वर्ष में हुआ था.

भारत में Internet कब शुरू हुआ? 

अगर बात की जाए भारत की तो भारत में इंटरनेट की सुविधा VSNL (Videsh Sanchar Nigam  Limted) ने सन 14 अगस्त 1995 को Internet सुविधा Publicaly सभी के लिए उपलब्ध करवाया था.

इंटरनेट की सुविधा भारत में भले ही देर से सुरु हुआ लेकिन आज के आधुनिक समय में Internet भारत सबसे अधिक Advance हो रहा है और तेज़ी से उभर रहा है. 

एक आंकड़े के मुताबित 2021 में भारत में कुल Internet यूजर की संख्या करीब 76 करोड़ है जो की 2025 में बढ़कर इंटरनेट यूजर की संख्या 98 करोड़ हो जाएगी. 2019 में ही भारत दुनिया की सबसे बड़ी Online Market बन चूका था.

दुनिया का सबसे पहला website?

क्या आप जानतें हैं की दुनिया का सबसे पहला website कौन-सा था, अगर आप नहीं जानते तो आज आप दुनिया के सबसे पहले वेबसाइट के बारे में जान जाएंगे।

दुनिया का पहला web page Tim Berner Lee ने बनाया था जो की सन 6 अगस्त 1991 को Live हुआ था. यह वेबपेज World Wide Web प्रोजेक्ट के लिए समर्पित था, यह वेब पेज Europian Organisation For Nuclear Research के NeXT नामक कंप्यूटर पर Live किया गया था.

यह वेबसाइट आज भी मौजूद है और इस पहले वेबसाइट का Web Address निचे दिया गया है. 

http://info.cern.ch/hypertext/WWW/TheProject.html.

Internet से जुडी विशेष Technologies 

तो चलिए अब जान लेते हैं Internet से जुडी कुछ विशेष Technologies के बारे में.

WWW क्या होता है?

क्या आपने पहले www जैसा कुछ देखा है अगर आपने देखा है तो क्या आपको इसके बारे में पता है, www का Full Form होता है World Wide Web

यह Internet का एक हिस्सा है जो की Hypertext Documents को support करता है. www को web भी कहा जाता है, यह अलग अलग Users को web page और data को navigate तथा view करने के लिए मदद करता है.

web page document होता है जो की HTML (Hypertext Markup Language) का इस्तेमाल करके लिखा हुआ होता है. Internet पर मौजूद हर एक webpage का Address होता है जिसे URL (Universal Resource Locator) कहा जाता है

Browser क्या होता है?

आपने Browser का नाम तो सुना ही होगा, ब्राउज़र एक Application होता है जिससे आप Internet का इस्तेमाल कर सकतें हैं. मार्किट में बहुत सारे Browser मौजूद है लेकिन सबसे ज्यादा जो ब्राउज़र प्रसिद्ध है वह है Chrome Browser. 

जब आप Chrome Browser पर कुछ Search करतें है तो वह आप के सामने बहुत सारे websites को दिखाता है. ब्राउज़र वेबसाइट में मौजूद HTML और CSS content को जोड़कर हमें एक वेबसाइट दिखाता है.

URL क्या होता है?  

URL का अर्थ होता है Universal Resource Locator जो की Internet पर मौजूद Websites का पता यानी Address होता है. जैसे हमारे website का URL है https://onlinehinditech.in/ अगर आप ब्राउज़र में इस URL को type करोगे तो आप direct हमारे इस वेबसाइट पर आ जाओगे. इसी तरह इंटरनेट पर मौजूद सभी websites अलग अलग Unique URL होता है.

Intranet क्या होता है?

Intranet भी internet की तरह होता है लेकिन Intranet एक सिमित क्षेत्र तक ही काम करता है, जैसे कोई कंपनी अपने Employees के लिए Intranet का निर्माण करती है जिससे sirf उस company के Employees ही Intranet का इस्तेमाल करके Data को आपस में share कर सकें.

Domain जैसे की .com क्या होता है?

Domain Name किसी भी वेबसाइट का एक नाम होता है, जैसे की हमारे वेबसाइट का नाम है onlinehinditech.in जो की वेबसाइट को एक पहचान देता है. 

हालाँकि कम्प्यूटर सिस्टम में किसी वेबसाइट का डोमेन name कुछ इस तरह save रहता है “127.20.23.230” लेकिन अगर हमें किसी website का नाम याद रखना होता है तो हम इसे नहीं याद रख पाते हैं इसीलिए हर एक वेबसाइट का Domain Name होता है, .com, .in, .net, .edu, और ,org ये कुछ famous domain name के उदाहरण है.

FTP क्या होता है?

FTP का FullForm होता है File Transfer Protocol, यह दो कम्प्यूटर्स या server के बीच Files को Transfer करने में मदद करता है.
इसका इस्तेमाल एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में Files को Copy करने के लिए भी किया जाता है.

E-Mail क्या होता है?

E-Mail का FullForm होता है Electronic-Mail जो की Internet की सहायता से किसी भी सूचना को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में भेजने का कार्य करता है. Google द्वारा शुरू की गयी इस सेवा को G-Mail कहा जाता है.

Whois क्या होता है?

Whois एक सेवा है जिसका इस्तेमाल करके Internet Users किसी भी Domain Name और किसी भी Organisation से सम्बंधित सूचना को प्राप्त कर सकतें है. इसका इस्तेमाल करके एक यूजर किसी वेबसाइट के मालिक का नाम, उसका पता, और Email address भी जान सकता है.

Internet का मालिक कौन है?

जैसा की ऊपर आप ने देखा की Internet क्या है (What is Internet in Hindi) और यह कैसे काम करता है. लेकिन क्या आप जानतें हैं की इंटरनेट का मालिक कौन हैं.

Internet को इस्तेमाल करने के लिए तीन चीज़ें सबसे जरुरी होती है, पहला है ISP जैसे की jio, airtel, और Vodafone, दूसरा है Fibre Optics Cable जो की समुन्द्र के नीचे बिछा हुआ होता है, और तीसरा चीज़ है Data Center जहाँ पर data स्टोर रहता है. जब आप Internet का इस्तेमाल कर रहे होते हो तब आप इन्हीं तीन चीज़ों का इस्तेमाल करते हो इसका मतलब Internet का मालिक कोई एक अकेला इंसान नहीं है.

समुद्र के निचे मौजूद Cables को बिछाने, उसकी मर्रमत और देख रेख का काम कई कंपनियां करती हैं और इसीलिए वे लोग ISP यानी हमारे SIM companies जैसे की jio, airtel से पैसे लेती हैं और Jio और airtel हम ग्राहकों से पैसे लेते है.

Internet का इस्तेमाल कहाँ कहाँ होता है? 

तो चलिए अब जानतें हैं की Internet का इस्तेमाल कहाँ कहाँ (Application of Internet in Hindi) किया जाता है.

Education क्षेत्र में 

Internet का इस्तेमाल शिक्षा के क्षेत्र में काफी बढ़ रहा है, Online Teaching शुरू होने से students कही बार class जाने की जरुरत नहीं पड़ती है.

इंटरनेट की सहयता से ही शिक्षा के क्षेत्र में Technology को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे students लोगों को Technology की काफी समझ भी बढ़ रही है. आज के समय में class में बच्चों को पढ़ाने के लिए Animation का इस्तेमाल किया जा रहा है जो की इंटरनेट के वजह से ही संभव हो पाया है.

Online Shopping करने के लिए 

आज से कुछ साल पहले तक इंटरनेट का इतना अधिक बूम नहीं था इसलिए लोग malls में जाकर shopping करते थे, लेकिन आज के समय में internet कई लोगों  पहुँच गया है इसलिए लोग Offline के बजाए Online Shopping करना ज्यादा पसंद कर रहें हैं.

News पढ़ने के लिए 

अब धीरे धीरे वह जमाना भी जा रहा है जब लोग समाचार जानने के लिए newspaper पढ़ते थे, लेकिन जब से Internet का विस्तार हुआ है तब से लोग Online ही न्यूज़ पढ़ना पसंद करने लगे हैं.

Email भेजने के लिए 

पहले के समय में अगर किसको कुछ सन्देश पहुंचना होता था तो डाक का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब लोग Email के जरिये मुफ्त में ही एक दूसरे को कई मील दूर से भी सन्देश पहुंचा सकते हैं.

आप Gmail Application का इस्तेमाल Email भेजने के लिए कर सकते हो, आप Gmail के जरिये Image, Video, Text, या pdf फाइल भी भेज सकते हो.

Files को Download और Upload करने के लिए 

अब वह जमाना गया जब लोग DVD प्लेयर लगाकर Movie देखते थे, अब तो जिनके पास Internet की सुविधा उपलब्ध है वे लोग जब चाहें तब Movies को Download कर सकतें हैं. 

अगर किसी को YouTube या फिर अन्य किसी Social Media Platform पर वीडियो या फिर Image Upload करना हो तो वो भी अब लोग कर सकतें हैं.

Conclusion :

हमें आशा है की इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद (What is Internet in Hindi) आपके कई सवालों के जवाब मिल गए होंगे.

आप अपने विचार और सुझाव को निचे comment section में लिख कर हमें बता सकतें हैं.

Vikas Tiwari

विकास तिवारी इस ब्लॉग के मुख्य लेखक हैं. इन्होनें कम्प्यूटर साइंस से Engineering किया है और इन्हें Technology, Computer और Mobile के बारे में Knowledge शेयर करना काफी अच्छा लगता है.

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