वेब होस्टिंग क्या है? पूरी जानकरी | Web Hosting Kya Hai Meaning in Hindi?

आज के समय में आपने वेब होस्टिंग के बारे में बहुत जगह सुना होगा और दुनिया के कई लोग अपने बिज़नेस और वेबसाइट को ऑनलाइन करने के लिए Web Hosting का इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन आज भी ऐसे बहुत लोग हैं जिन्हे यह नहीं मालूम है की web होस्टिंग क्या होता है? अगर आप भी होस्टिंग के बारे में सारी जानकारी जानना चाहते हो तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें (Web Hosting Kya Hai Meaning in Hindi).   

बिना होस्टिंग का इस्तेमाल किये आप अपने वेबसाइट को इंटरनेट पर ऑनलाइन होस्ट नहीं कर सकते हैं इसलिए अगर आपको अपने ब्लॉग, बिज़नेस और वेबसाइट को इंटरनेट पर लाइव करना है तो आपको होस्टिंग लेना काफी जरुरी है. 

एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 में दुनिया में कुल 170 करोड़ से भी अधिक वेबसाइट है जिसमे से 50 करोड़ सिर्फ ब्लॉग है. इन सभी वेबसाइट को इंटरनेट पर लाइव करने के लिए होस्टिंग का ही इस्तेमाल किया गया है, तो अगर आप भी अपने ब्लॉग और वेबसाइट को इंटरनेट पर लाइव लाना चाहते हो तो इस आर्टिकल को अच्छे से पढ़ें (Web Hosting Kya Hai in Hindi).  

वेब होस्टिंग क्या है? (Web Hosting Meaning in Hindi)

Web Hosting एक ऑनलाइन सर्विस है जो की आपके वेबसाइट या ब्लॉग को Internet पर लाइव करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. जब आप किसी होस्टिंग कंपनी के वेबसाइट पर Signup करते हैं तो उसके बाद वे आपके वेबसाइट को होस्ट करने के लिए सर्वर प्रदान करते हैं.

Web Hosting Meaning in Hindi

जब किसी होस्टिंग कंपनी के सर्वर पर आप अपने वेबसाइट या ब्लॉग को होस्ट करते हो तब Visitors आपके वेबसाइट के URL को ब्राउज़र में टाइप करके वेबसाइट पर आ सकते हैं और उसपर मौजूद कंटेंट को देख सकते हैं.

अगर आपके पास भी कोई ब्लॉग और वेबसाइट है और उसे आप इंटरनेट पर ऑनलाइन लाइव लाना चाहते हो ताकि Visitors आपके वेबसाइट पर आ सके तो आपको भी अपने वेबसाइट या ब्लॉग को होस्ट करना होगा, लेकिन लोग इस बात में कंफ्यूज रहते हैं की किस कंपनी का होस्टिंग लेना चाहिए तो चलिए जानते हैं.

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किस कंपनी का होस्टिंग इस्तेमाल करें? (Best Web Hosting Company in Hindi)

अब तक तो आप यह जान गए होंगे की Web होस्टिंग क्या होता है, लेकिन अगर आपने अच्छी कंपनी का होस्टिंग नहीं लिया है तो आपके वेबसाइट या ब्लॉग का Loading Speed हमेशा कम रहेगा जिससे आपका ब्लॉग या वेबसाइट गूगल पर रैंक नहीं कर पायेगा इसलिए आपको यह जानना काफी जरुरी है की किस कंपनी का होस्टिंग लेना चाहिए?. 

तो चलिए जानते हैं की होस्टिंग लेते समय किन किन बातो का ध्यान दें?

Uptime :

आपका वेबसाइट जितना समय Online उपलब्ध रहता है उसे Uptime कहा जाता है, अगर आपके वेबसाइट का Uptime 99% से कम है तो आपका वेबसाइट कभी कभी नहीं खुलेगा जिससे लोग आपके वेबसाइट पर नहीं आ पाएंगे इसे Down Time कहा जाता है.

जब भी आप किसी होस्टिंग कंपनी से होस्टिंग लेते हैं तो इस बात का ध्यान रखें की वह कंपनी 99% का Uptime उपलब्ध कराती हो, अगर आपके वेबसाइट का Uptime 99% रहेगा तो आपका वेबसाइट लगभग हर समय ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा और आपके वेबसाइट का SEO भी बढ़ेगा. 

Disk Space :

आपके होस्टिंग सर्वर पर मौजूद स्टोरेज को ही Disk Space कहा जाता है, जितना ज्यादा आपके Hosting Server का डिस्क स्पेस रहेगा आप उतने अधिक फाइल को वहां पर अपलोड कर सकते हो.

जब भी आप किसी होस्टिंग कंपनी से होस्टिंग लें तो इस बात का ध्यान रखें की Disk Space 500GB से कम नहीं हो अगर आप Unlimited DiskSpace वाला होस्टिंग सर्वर लेगें तो और भी अच्छा होगा. 

Band Width :

Band Width का मतलब होता है की एक सेकंड में होस्टिंग सर्वर कितने डाटा को आपके वेबसाइट के Visitor के पास भेज सकता है. आपके होस्टिंग सर्वर का BandWidth जितना अधिक होगा आपका होस्टिंग सर्वर उतने अधिक Visitors को संभाल सकेगा. 

मान लो अगर आपके वेब पेज का साइज 50KB है और आपके वेबसाइट पर रोज़ के 700 Visitors आते हैं तो आपके होस्टिंग सर्वर का Band Width 170MB प्रति दिन के हिसाब से होना चाहिए अर्थात 5GB Band Width प्रति महीना. 

Customer Support :

मान लो किसी कारण आपके वेबसाइट या ब्लॉग पर कोई गड़बड़ी आ गयी तो आप क्या करोगे?, आप सीधा आपके होस्टिंग प्रोवाइडर कंपनी से Contact करोगे लेकिन अगर वे सही टाइम पर आपके सवाल का जवाब नहीं देते तो दिक्कत और भी बढ़ सकती है, इसलिए होस्टिंग लेते समय इस बात का ध्यान रखें की उस कंपनी का Customer Support 24/7 हो. 

Backup Services :

अगर आप अपने वेबसाइट के डाटा का Back Up लेना चाहते हो तो Hosting लेते समय इस बात का ध्यान रखें की वह कंपनी Back Up सर्विस भी प्रदान करती हो.

मुझे आशा है की अब आप समझ गए होंगे की होस्टिंग लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, निचे कुछ सबसे अच्छी वेब होस्टिंग कंपनी का लिस्ट दिया गया है.

1. HostingerHostinger 

2. HostGator 

3. Reseller Club 

अभी तक आप यह समझ गए हो की होस्टिंग क्या है और होस्टिंग लेते समय किन बातो का ध्यान रखना चाहिए लेकिन क्या आपको पता है की वेब होस्टिंग कितने प्रकार का होता है अगर नहीं तो चलिए इसे भी जानते हैं क्यूंकि  वेब होस्टिंग लेते समय इस बात की जानकरी होना काफी जरुरी है.

वेब होस्टिंग के प्रकार? (Types of Web Hosting in Hindi)

वेब होस्टिंग के मुख्य चार प्रकार हैं जिन्हे निचे विस्तार से समझाया गया है.

1. Shared Hosting 

2. Virtual Private Server (VPS Hosting)

3. Dedicated Hosting 

4. Cloud Hosting 

अगर आप Web Hosting लेने का विचार कर रहे हैं तो आपको होस्टिंग के चारों प्रकार को जानना काफी जरुरी है, जिसे निचे आसान भाषा में समझाया गया है. 

Shared Hosting 

अगर आपका वेबसाइट shared hosting में होस्टेड है तो होस्टिंग में जिस सर्वर का इस्तेमाल किया जाता है उसी एक सर्वर में आपके वेबसाइट के साथ अन्य कई लोगों के वेबसाइट को भी होस्ट किया जाता है.

Shared Hosting in Hindi

मान लो आप किसी हॉस्टल के एक कमरे में कई लोगों के साथ रहते हो जहाँ पर आप सभी लोग हर चीज़ को आपस में बांटते हो उसी प्रकार Shared Hosting में भी एक ही सर्वर के पावर को सभी वेबसाइट इस्तेमाल करते हैं.

अगर आप किसी नए ब्लॉग की शुरुआत कर रहे हैं और आपको लगता है की आपके ब्लॉग में 20,000 महीने के Visitors आएंगे तो आप Shared Hosting ले सकते हो.

लेकिन अगर आपके ब्लॉग में महीने का 20 हज़ार से अधिक ट्रैफिक आता है तो आपको Shared Hosting का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्यूंकि उसी एक होस्टिंग में अन्य कई वेबसाइट होते हैं जिससे आपका वेबसाइट क्रैश हो जाएगा. 

shared hosting के फायदे 

  • सेटअप करना काफी आसान होता है. 
  • नयी वेबसाइट के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है.
  • इसमें ज्यादा टेक्निकल ज्ञान की जरुरत नहीं है.
  • इसका होस्टिंग प्लान काफी सस्ता होता है.

shared hosting के नुक्सान 

  • इसमें सर्वर के रिसोर्स को अन्य कई वेबसाइट के साथ भी शेयर किया जाता है. 
  • कभी भी आपके वेबसाइट में समस्या आ सकती है.
  • इसमें आपके वेबसाइट का Loading Time काफी ज्यादा होता है.
  • Uptime भी काफी कम होता है.
  • इसमें आप अपने वेबसाइट को Scale नहीं कर सकते. 

VPS Hosting 

इसमें आपको एक Virtual Server मिलता है जहाँ पर आपका वेबसाइट होस्टेड रहता है, VPS Hosting Shared Hosting से एक कदम आगे है, अगर आपके वेबसाइट पर 20 हज़ार से अधिक Visitors प्रति महीने आते हैं तो आपको VPS होस्टिंग का इस्तेमाल करना चाहिए. 

What is VPS Hosting in Hindi

जिस प्रकार किसी होटल में कई सारे अलग अलग कमरे होते हैं और उनमे से हर एक कमरा एक एक लोगों के लिए उपलब्ध रहता है, उसी प्रकार VPS Hosting में सर्वर तो एक ही होता है लेकिन उसी एक सर्वर को Virtually कई सारे सर्वर में बाँट दिया जाता है, जहां पर हर एक व्यक्ति का वेबसाइट उस Virtual सर्वर के सभी रिसोर्स का इस्तेमाल कर सकता है.

VPS Hosting के फायदे 

  • हर वेबसाइट के लिए सर्वर का पूरा रिसोर्स उपलब्ध कराया जाता है.
  • आप खुद से भी सर्वर में बदलाव कर सकते हो. 
  • Loading Speed काफी कम होता है जो की वेबसाइट के SEO को बढ़ाता है.
  • इसका Uptime काफी ज्यादा रहता है.
  • Dedicated Server के मुकाबले यह काम खर्चीला है.
  • इसमें Support की सुविधा काफी अच्छ रहता है.
  • इसमें आपके वेबसाइट का Security और Privacy काफी अच्छा रहता है.

VPS Hosting के नुक्सान 

  • इसमें भी मुख्य सर्वर को अन्य कई वेबसाइट भी इस्तेमाल करते हैं.
  • इसमें हर चीज़ आप कंट्रोल नहीं कर सकते. 
  • Shared Hosting के मुकाबले इसमें वेबसाइट को सेटअप करना मुश्किल होता है.

Dedicated Hosting

यह होस्टिंग सबसे अच्छा होता है क्यूंकि इसमें आपको अलग से एक सर्वर ही दे दिया जाता है जहाँ पर आप अपने वेबसाइट को होस्ट कर सकते हो और आप उस सर्वर के सभी रिसोर्स का इस्तेमाल भी कर सकते हो इसलिए इसे Dedicated Hosting कहा जाता है. 

What is Dedicated Hosting in Hindi

यह कुछ उसी तरह है जैसे आपका खुद का घर हो और उस घर के सभी समान का इस्तेमाल सिर्फ आप ही कर सकते हो. Dedicated Hosting का इस्तेमाल करने से आपके वेबसाइट का Loading Speed काफी कम रहता है जिससे आपका वेबसाइट बहुत जल्दी Load हो जाता है.

इस प्रकार के होस्टिंग का इस्तेमाल ज्यादा करके ऐसे वेबसाइट करते हैं जिनका महीने का Traffic 1 लाख से अधिक रहता है, इसी के साथ ही Dedicated Hosting होस्टिंग VPS होस्टिंग से भी काफी महंगा होता है.

Dedicated Hosting के फायदे 

  • सर्वर का पूरा कंट्रोल आपके हाथ में होता है.
  • सर्वर के सभी रिसोर्स का इस्तेमाल अकेले सिर्फ आपका वेबसाइट हो करता है.
  • आपके वेबसाइट का Loading Speed बहुत कम होता है जो की आपके वेबसाइट के SEO को बढ़ा देता है.
  • आपके वेबसाइट का Uptime लगभग 100% हो जाता है.
  • आपके वेबसाइट का Security काफी अच्छ रहता है.
  • इसका इस्तेमाल करने से आपके वेबसाइट का परफॉरमेंस काफी बढ़ जाता है.

Dedicated Hosting के नुक्सान 

  •  यह सबसे महँगी होस्टिंग में से एक है.
  • आपको अच्छा Technical Knowledge होना चाहिए. 
  • अगर आपके होस्टिंग में कुछ समस्या आ गयी तो इसे आप खुद नहीं सुलझा सकते इसके लिए आपको किसी Technician को हायर करना पड़ता है.

Cloud Hosting 

Cloud Hosting में आपके पास एक सर्वर नहीं बल्कि कई सारे सर्वर होते हैं जिसे Clustered Server भी कहा जाता है. इसमें कई सारे सर्वर होते हैं और सभी सर्वर का काम अलग अलग होता है.

What is Cloud Hosting in Hindi

इस प्रकार के होस्टिंग का इस्तेमाल बड़ी वेबसाइट करती हैं जिनका महीने का Traffic 10 लाख से भी अधिक रहता है, लेकिन Cloud Hosting अन्य होस्टिंग के मुकाबले काफी महँगा होता है.

Cloud Hosting के फायदे 

  • इसमें आपके वेबसाइट का Loading Speed काफी ज्यादा होता है.
  • इसमें आप जितना सर्वर ले रिसोर्स का इस्तेमाल करते हो सिर्फ उतने का ही पैसा देना होता है.
  • इसमें आपके वेबसाइट का Uptime 100% तक रहता है.
  • अगर आपके वेबसाइट पर एक साथ बहुत सारे Visitors भी आते हैं तो भी आपका वेबसाइट क्रैश नहीं होगा. 
  • वेबसाइट का Security अन्य के मुकाबले इसमें  काफी अच्छ रहता है.

Cloud Hosting के नुक्सान 

  • अन्य होस्टिंग के मुकाबले थोड़ा महँगा होता है.
  • पूरी तरह से Customize करने का कंट्रोल आपके पास नहीं होता है.

हमें आशा है यह लेख पढ़ने के बाद आपके सभी सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे जैसे की वेब होस्टिंग क्या है? (Web Hosting Kya Hai Meaning in Hindi) और वेब होस्टिंग के प्रकार क्या है? (Types of Web Hosting in Hindi)

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Vikas Tiwari

विकास तिवारी इस ब्लॉग के मुख्य लेखक हैं. इन्होनें कम्प्यूटर साइंस से Engineering किया है और इन्हें Technology, Computer और Mobile के बारे में Knowledge शेयर करना काफी अच्छा लगता है.

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