Share Market क्या है? कैसे सीखें? [2022] | Share Market Kya Hai in hindi?

Share Market एक ऐसा शब्द है जिसके बारे में हर व्यक्ति जानना चाहता है क्यूंकि यह एक ऐसा मार्किट है जहां आप 1000 रुपये इन्वेस्ट करके 1500 रुपये या उससे अधिक कमा सकता हो या फिर अपने सारे पैसे गवां सकते हो। 

2022 में बहुत लोगों को यह नहीं पता है की शेयर मार्किट क्या होता है? शेयर मार्किट कैसे काम करता है? इसे कैसे सीख सकते हैं? इसमें पैसे कैसे इन्वेस्ट करें? Share Market का Basic Information in Hindi? लेकिन आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है क्यूंकि इस ब्लॉग पोस्ट में शेयर मार्किट से जुड़े सभी सवालों का जवाब दूंगा। 

शेयर मार्किट एक माध्यम होता है जहां कंपनियां अपने कंपनी के शेयर को लिस्ट करती हैं और इन्वेस्टर जो की उस शेयर को खरीदना चाहता है वह शेयर मार्किट से किसी भी लिस्डेड कंपनी का शेयर खरीद सकता है – Share Market Kya Hai?

मान लो आप रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर खरीदना चाहते हैं तो आपको स्टॉक ब्रोकर ऍप का इस्तेमाल करना होगा जैसे की Groww और Upstox फिर वहाँ आपको अपना Demat अकाउंट खोलना होगा उसके बाद आप रिलायंस कंपनी के शेयर उस ऍप के माध्यम से खरीद सकते हैं – What is Share Market in hindi?

MRF कंपनी के एक शेयर की कीमत करीब 83,0000 रुपये है जो की भारत में सबसे महँगा शेयर है और दुनिया का सबसे महँगा शेयर है Berkshire Hathway कंपनी का जिसके एक शेयर की कीमत करीब 3.5 करोड़ से भी अधिक है। 

Table of Contents

शेयर मार्किट क्या है? – Share Market Kya Hai?

शेयर मार्किट एक माध्यम है जहां कंपनी अपने शेयर यानी की हिस्सेदारी को लिस्ट कर सकती है उसके बाद आप उन कम्पनीज के शेयर को खरीद और बेच सकते हैं।

शेयर मार्किट का इस्तेमाल लोग मुख्य रूप से पैसे कमाने के लिए करते हैं, आप शेयर मार्किट में लिस्टेड किसी कंपनी के शेयर कम दाम में खरीदकर उसे अधिक दाम में बेच सकते हैं जिससे आपको फायदा होता है लेकिन इसमें 90% लोग अपने पैसे गवां देते हैं क्यूंकि उन्हें शेयर मार्किट का Knowledge बहुत कम होता है। 

बहुत लोग यह भी पूछते हैं की Stock Market क्या होता है, शेयर मार्किट को ही Stock Market भी कहा जाता है। 

शेयर का अर्थ होता है “हिस्सेदारी“, मान लो किसी कंपनी के पास 10,000 शेयर है और उसमें से 5000 शेयर कंपनी के मालिक के पास है और 5000 शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट है तो जो भी चाहे उस 5000 शेयर को खरीद सकता है। 

अब मान लो एक शेयर का कीमत है करीब 100 रुपये तो कुल 5000 शेयर की कीमत होगी 5 लाख रुपये और आपके पास 1000 रुपये है जिससे आपने उस कंपनी के 10 शेयर को खरीद लिया है अब अगर भविष्य में कंपनी अच्छा काम करेगी तो उसके एक शेयर की कीमत 100 रुपये से बढ़कर 110 रुपये हो जाती है तो आपके हज़ार रुपये जो इन्वेस्ट किये थे उसकी कीमत 1100 रुपये हो जाएगी। 

यानी आपको 100 रुपये का फायदा है वही अगर उस कंपनी के एक शेयर की कीमत 100 रुपये से गिरकर 90 रुपये हो जाती तो जो आपने 1000 रुपये इन्वेस्ट किये थे उसकी कीमत 900 रुपये हो जाती और आपको 100 रुपये का नुकसान हो जाता। 

इसलिए शेयर मार्किट में सिर्फ 10% लोग ही अच्छा पैसा कमा पाते हैं और बाकी एक 90% लोग शेयर मार्किट में अपना पैसा गवां देते हैं।  

शेयर मार्किट में लोग किसी कंपनी के शेयर को काम पैसे में खरीदते हैं और ज्यादा पैसे में बेचते हैं जिससे की वे फायदा कमा पाते हैं। 

शेयर मार्किट में जो भी शेयर ख़रीदा या बेचा जाता है वह स्टॉक एक्सचेंज के मदद से होता है जैसे की NSE और BSE यानी कोई भी कंपनी SEBI के नियम अनुसार अपने शेयर को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट कर सकती है और फिर आप उस कंपनी के शेयर को खरीद सकते हैं। 

share market kaise kaam karta hai

स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर का जो खरीद और बेच चलता है इस पुरे सिस्टम को शेयर मार्किट कहते हैं। आप सीधे ही स्टॉक एक्सचेंज से शेयर नहीं खरीद सकते हैं उसके लिए आपको एक स्टॉक ब्रोकर की जरुरत पड़ती है जैसे की Upstox और Zerodha

आप इन स्टॉक ब्रोकर का इस्तेमाल करके स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट कंपनी के शेयर को खरीद सकते हैं। जब आप इन स्टॉक ब्रोकर के ऍप का इस्तेमाल करके स्टॉक को खरीदते हैं तो स्टॉक एक्सचेंज पर यह आपके बदले order लगाता है। 

शेयर मार्किट से पैसा कमाने के लिए मुख्य रूप से लोग 2 तरीकों का इस्तेमाल करते हैं :

  • इन्वेस्टिंग : लम्बे समय के लिए किसी कंपनी के शेयर को खरीदना और 1 से 50 साल के बीच में कभी बेचना, इन्वेस्टिंग से आपको लम्बे समय के बाद ज्यादा return मिलता है। 
  • ट्रेडिंग : ट्रेडिंग में आप जिस दिन किसी कंपनी के शेयर को खरीदते हैं उसी दिन बेचते भी हैं मतलब ट्रेडिंग करके आप रोज़ पैसे कमा सकते हैं।

शेयर मार्किट कैसे काम करता है?

अभी तक आपको यह समझ में आ गया होगा की शेयर मार्किट क्या है? तो चलिए अब यह समझ लेते हैं की शेयर मार्किट कैसे काम करता है?

शेयर मार्किट दो तरीकों से काम करता है:

  • शेयर खरीदना 
  • शेयर बेचना 

शेयर का अर्थ होता है “हिस्सेदारी” जब कोई कंपनी अपने शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट करती है तो आप उसके शेयर को खरीद सकते हैं और अपने हिसाब से प्रॉफिट पाने के लिए बेच सकते हैं। 

शेयर मार्किट में सबसे पहले होता है स्टॉक एक्सचेंज जैसे की Nifty और Sensex उसके बाद कंपनी अपने शेयर को किसी भी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट करती है और फिर आप किसी ब्रोकर जैसे की Upstox का इस्तेमाल करके listed कंपनी के शेयर को खरीद सकते हो। 

अगर आपको शेयर मार्किट से पैसे कमाना है तो आपको शेयर कम दाम में खरीदना होगा और उसे अधिक दाम में बेचना होगा। 

आप सीधे स्टॉक एक्सचेंज से शेयर नहीं खरीद सकते हैं उसके लिए आपके पास Trading Account और Demat Account होना चाहिए तभी आप शेयर मार्किट से शेयर या स्टॉक खरीद सकते हैं, ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट बनाने लिए आप Upstox और Zerodha जैसे ब्रोकर का इस्तेमाल कर सकते हैं और उनके प्लेटफार्म से शेयर खरीद सकते हैं। 

शेयर मार्केट का गणित

अगर आप शेयर बाजार में किसी भी तरीके का इन्वेस्टिंग या ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको शेयर मार्केट के गणित भी पता होने चाहिए ताकि आप अपने पैसे को डूबने से बचा सको, तो चलिए जानतें हैं शेयर मार्किट के गणित के बारे में। 

1. सरल बीजगणित और अंकगणित

यहां पांच मौलिक बीजीय और अंकगणितीय समीकरण हैं जिन्हें निवेशकों को जानना चाहिए।

समीकरण 1

Return on Equity (ROE) = (Net income / shareholder equity)

आप इस जानकारी को प्राप्त करने के लिए कंपनी की बैलेंस शीट, लाभ और हानि विवरण का उपयोग कर सकते हैं और इसे प्रतिशत मूल्य के रूप में गणना कर सकते हैं।

ROE का अर्थ होता है की आप जितने शेयर खरीदेंगे आपको उसमें से कितना return मिलेगा आप उस बात का पता ऊपर बताये गए फार्मूला से लगा सकते हैं। 

हालांकि, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि आप स्टॉक का चयन करते समय ROE को एक स्टैंडअलोन फैक्टर के रूप में नहीं मान सकते हैं। आपको इसकी तुलना उद्योग के औसत से भी करनी होगी।

उदाहरण के लिए, फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की तुलना में बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में उद्योग का औसत ROE अलग है। साथ ही, यदि कंपनी बहुत अधिक कर्ज लेती है और उसका इक्विटी निवेश कम है तो ROE अधिक हो सकता है। इसलिए, निवेश करने से पहले सभी कारकों को देखें।

समीकरण 2

F = P * (1 + R)t

F = निवेश का भविष्य मूल्य

P = निवेश का वर्तमान मूल्य

t = कंपाउंडिंग अवधियों की संख्या और

R = ब्याज दर 

इस concept को “भविष्य मूल्य” कहा जाता है और निवेशकों द्वारा अपने निवेश के भविष्य के मूल्य के बारे में अनुमान लगाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। इसलिए, आप यह आकलन कर सकते हैं कि आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए प्रत्येक वर्ष कितना निवेश करने की आवश्यकता है।

समीकरण 3

Total Return = {( Value of investment at the end of the year – Value of investment at beginning of the year ) + Dividends} / Value of investment at the beginning of the year

इस फार्मूला से आप यह पता लगा सकते हैं की जब आपने पैसे शेयर मार्किट से निकाला तो आपको कितना return मिला। 

उदाहरण के लिए, यदि आपने ₹7,500 में एक शेयर खरीदा है और अब इसकी कीमत ₹8,800 है, तो आपको ₹1,300 का अप्राप्त लाभ होगा। इस दौरान आपको ₹350 का डिविडेंड भी मिला।

कुल रिटर्न = {(₹8,800 – ₹7,500) + ₹350} / ₹7,500 = 0.22 या 22%

समीकरण 4

Stock price = V + B * M

V = स्टॉक का विचरण

B = बाजार के संबंध में स्टॉक में उतार-चढ़ाव कैसे होता है

M = बाजार स्तर

यह फार्मूला Capital Asset Pricing Model (CAPM) है और इसका उपयोग शेयर बाजार में किसी भी शेयर की कीमत का पता लगाने के लिए किया जाता है। 

समीकरण 5

Price/Earnings Ratio (P/E) = Market price of Stock/Earnings per share

यह अनुपात आपको यह समझने में मदद करता है कि क्या किसी विशेष कंपनी के शेयर की कीमत बाजार में अधिक या कम है। यह एक साधारण गणना है जो आपको बताती है कि प्रति शेयर आय की तुलना में किसी शेयर की कीमत कितनी है।

P/E रेशियो का उपयोग किसी स्टॉक की कीमत की उसी उद्योग के अन्य शेयरों से तुलना करने के लिए किया जाता है।

एक शेयर का बाजार मूल्य शेयर बाजार पर 1 शेयर खरीदने की लागत है और प्रति शेयर आय कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट में रिपोर्ट की गई वार्षिक प्रति शेयर आय है।

यदि कंपनी के लिए पी/ई उद्योग के लिए उससे कम है, तो एक निवेशक को इसकी कम कीमत के कारणों की खोज के लिए आगे की जांच करनी चाहिए। उन कारणों के आधार पर, कोई निवेशक इसे खरीद या बेच सकता है।

2. कंपाउंडिंग

शेयर बाजार में निवेश के पीछे के गणित के अलावा, आपको एक महत्वपूर्ण गणित गणना – कंपाउंडिंग को भी समझने की जरूरत है।

मान लो आपने 100-100 रुपये हर महीने इन्वेस्ट किया है 5 साल के लिए और आपको हर साल 10% का return मिला है तो जो आपको हर साल return मिल रहा है उसमे भी 10% का return मिलता है इसे ही कम्पाउंडिंग कहते हैं। 

3. संभावनाएं

मनुष्य के रूप में, जब हमें निश्चितता नहीं मिलती है, तो हम संभावनाओं को देखना शुरू कर देते हैं। कुछ होने की संभावना क्या है? ऑड्स जितना कम होगा, जोखिम उतना ही अधिक होगा। यही बात निवेश पर भी लागू होती है।

उदाहरण के लिए, जब आप किसी विशेष स्टॉक में निवेश कर रहे होते हैं, तो भविष्य में उसके प्रदर्शन के बारे में कोई निश्चितता नहीं होती है। इसलिए, आप स्टॉक से संबंधित विभिन्न पहलुओं को देखते हैं और जोखिम और इनाम को देखते हैं। 

शेयर मार्केट डाउन क्यूँ होता है?

अब तक आपको यह समझ में आ गया होगा की शेयर मार्किट क्या है? और कैसे काम करता है? लेकिन क्या आपको पता है की शेयर मार्किट डाउन क्यों होता है कभी इसका कीमत बढ़ता है तो कभी घटता है, चलिए इस सवाल का भी जवाब जानतें हैं। 

शेयर मार्किट में जो शेयर का कीमत घटता और बढ़ता है उसका सबसे मुख्य कारण है मांग (Demand) और आपूर्ति (Supply) अगर किसी शेयर की मांग अधिक है और उसकी आपूर्ति कम है तो उस शेयर का कीमत बढ़ेगा। 

और अगर किसी शेयर की मांग कम है और आपूर्ति अधिक है उस शेयर का कीमत कम होगा। लेकिन मांग और आपूर्ति के घटने और बढ़ने के कई सारे फैक्टर्स होते हैं जैसा की निचे बताया गया है। 

  • फाइनेंसियल फैक्टर : अर्थव्यवस्था में गिरावट, व्याज दरों में बदलाव, और महंगाई का बढ़ना
  • वैश्विक बाज़ार : अन्य देश के लोग कितना इन्वेस्ट करते हैं इससे भी उस शेयर की मांग और आपूर्ति निर्धारित होती है 
  • अंतर्राष्ट्रीय घटनाएं : अगर दुनिया के किसी भी देश में कोई भी घटना होती है जिससे बड़े मात्रा में पैसे का नुकसान होता है तो इससे भी शेयर का कीमत घटता बढ़ता है। 
  • कंपनी का revenue : अगर किसी कंपनी की कमाई कम या ज्यादा होती है तो भी शेयर की कीमत में बदलाव आता है। 

कभी भी अगर sensex और nifty में लिस्टेड किसी कंपनी के शेयर की कीमत कम हो जाए तो इसमें चिंता नहीं करने का उसे होल्ड करने का कुछ समय बाद वह ऊपर ही जायेगा। 

शेयर मार्केट कैसे सीखे?

चलिए देखते है की share market को कैसे सीखे इसके लिए मैंने नीचे कुछ ऐसे तरीके और steps बताये है जिसे आप फॉलो करके Stock market को बहुत ही गहराई और काफी सरलता से सीख सकते है।

किताबे पढ़े

जहा लोग आजकल मोटा पैसे देकर ऑनलाइन कोर्स खरीद रहे है वही आप सिर्फ किताबे पढ़ के वो सब कुछ सीख सकते हो जिसे आप Stock market से अच्छा खासा प्रॉफिट कमा सकते हो तो Stock market को सीखने के लिए आपको किताबे जरूर पढ़नी चाहिए।

ऑनलाइन कोर्स

आपको बहोत सरे वेबसाइट मिल जायेंगे जो फ्री में ऑनलाइन कोर्स प्रदान करती है और Trading भी करवाते है की कैसे आपको share market में Trading करना है और कैसे आप प्रॉफिट कमा सकते है, तो आप stock market को सीखने के लिए ऑनलाइन कोर्स और वेबसाइटस की मदद ले सकते है।

Trader दोस्त बनाये

अगर आप एक ऐसा दोस्त बना लेते है जो share market को समझता हो और Trading करता हो तो आप उससे बहुत कुछ सीखने में मदद मिलेगी और आपके लिए Stock market को समझने में और भी आसानी होगी तो जरूर से एक ऐसा मित्र या साथी बनाये जो Stock market में रूचि रखता हो और उसे समझता हो।

सफल निवेशक को फॉलो करे

आप ऐसे लोगो को फॉलो करे जो Stock market में सफल है और उन लोगो के इंटरव्यू देखे उनके द्वारा लिखे गए बुक्स पढ़े जो की ज्ञान का और Stock market को समझने का एक अच्छा श्रोत है, ऐसे लोगो को आप यूट्यूब, इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे सोशल मिडिया पे फॉलो कर सकते हो।

एक सलाहकार ढूंढे

इस Stock market की दुनिया में आपके लिए सब भूल भुलैया जैसा होगा और ऐसे बहुत से लोग है जो इसे हलके में लेते है और Stock market को समझे बिना उसमे घुस जाते है, और खुदका भारी लॉस करा लेते है।

तो इस लॉस से बचने के लिए और Stock market को समझने के लिए आपको एक सलाहकार से मिलना होगा जिसे Stock market में कई सालो का तजुर्बा और समझ दोनों हो वो आपका कोई फॅमिली मेंबर हो सकता है या आपका कोई मित्र हो सकता है आपको ऐसे किसी को अपना सलाहकार बनाना है जो आपको किसी भी वक्त आपके सवाल का जवाब दे सके और आपकी मदद कर सके।

सेंसेक्स क्या होता है?

Sensex दो शब्दों से मिलकर बना है “Senstitive” + “Index“, यह एक सूचनांक है जो की BSE में लिस्टेड टॉप 30 कम्पनीज का लिस्ट बताता है। 

BSE (Bombay Stock Exchange) एक स्टॉक एक्सचेंज हैं और उसमें जिस टॉप 30 कम्पनीज में सबसे अधिक trading होता है उसी लिस्ट को sensex कहा जाता है। 

Sensex स्टॉक इंडेक्स का निर्माण साल 1986 में किया गया था। दुनिया भर के Analyst, Sensex को analyze करके यह समझते हैं की भारत की economy कैसी है और कैसी रहेगी। 

Sensex में भारत के उन 30 सबसे बड़ी कंपनियों का लिस्ट होता है जिसमें लोग सबसे अधिक इन्वेस्ट करते हैं और जो की बड़ी बड़ी कंपनियां होती है। 

BSE Sensex का मार्किट कैप ₹276.713 लाख करोड़ (US$3.6 trillion) है 

निचे Sensex को टॉप 10 कम्पनीज का लिस्ट दिया गया है। 

  • Reliance Industries LTD
  • TATA Consultancy LTD.
  • HDFC Bank 
  • INFOSYS LTD.
  • HINDUSTAN UNILEVER LTD.
  • ICICI BANK LTD.
  • Life Insurance Corporation of India
  • STATE BANK OF INDIA
  • HOUSING DEVELOPMENT FINANCE CORP.LTD.
  • Bajaj Finance Limited

Sensex शब्द को सबसे पहले शेयर मार्किट Analyst दीपक मोहोनी ने दुनिया को बताया था। 

निफ़्टी क्या होता है?

निफ्टी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा शुरू किया गया एक बाजार सूचकांक है। 21 अप्रैल 1996 को NSE द्वारा लांच किया गया था। निफ्टी 50 एक बेंचमार्क आधारित इंडेक्स है जो स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड किए गए शीर्ष 50 इक्विटी शेयरों को दिखाता है। 

ये स्टॉक भारतीय अर्थव्यवस्था के 12 क्षेत्रों में फैले हुए हैं जिनमें शामिल हैं – सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएं, उपभोक्ता सामान, मनोरंजन और मीडिया, वित्तीय सेवाएं, धातु, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार, सीमेंट और इसके उत्पाद, ऑटोमोबाइल, कीटनाशक और उर्वरक, ऊर्जा, और अन्य सेवाएं।

शेयर मार्केट को समझने के लिए बेस्ट किताबें

अगर आप शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो आपको शेयर मार्किट के किताबों को जरूर पढ़ना चाहिए जिसका लिस्ट मैंने निचे दिया है। 

  • Rich Dad Poor Dad
  • Share Market Guide
  • How to Avoid Loss and Earn Consistently in the Stock Market
  • Stock To Riches
  • The Dhandho Investor
  • Romancing the Balance Sheet
  •  Learn to Earn
  • Value Investing and Behavioral Finance
  • Common Stocks and Uncommon Profits
  • One Up on Wall Street
  • The Intelligent Investor

आप किसी भी एक बुक से शेयर मार्किट इन्वेस्टिंग को सीखना शुरू कर सकते हैं। 

शेयर बाजार में करियर और स्कोप  

शेयर बाजार में कई नौकरियां हैं जिन्हें आप चुन सकते हैं। जिसका लिस्ट निचे बताया गया है। अगर आप शेयर मार्किट में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो निचे बताये गए किसी एक जॉब पोस्ट पर काम कर सकते हैं। 

ब्रोकर

ब्रोकर लाइसेंस प्राप्त पेशेवर होते हैं जो निवेशकों की ओर से शेयर खरीदते और बेचते हैं। वे ब्रोकरेज फर्मों के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं और स्टॉक ट्रेडिंग की सुविधा प्रदान करते हैं। उन्हें एनआईएसएम प्रमाणपत्रों को पूरा करने और सेबी के नियमों का पालन करने की आवश्यकता है।

सलाहकार

एक सलाहकार के रूप में विशेषज्ञता के साथ, आप अपने ग्राहकों को सही स्टॉक चुनने के लिए बाजार का ज्ञान प्रदान करेंगे। सलाहकार बनने के लिए, आपको एनआईएसएम निवेश सलाहकार प्रमाणन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी और निवेश सलाहकार के रूप में सेबी में पंजीकरण कराना होगा।

पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाएं

पोर्टफोलियो प्रबंधक अपने ग्राहकों के लिए उनके निवेश लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर निवेश रणनीति तैयार करते हैं। एक पेशेवर प्रबंधक को शेयर बाजार के विकास को सक्रिय रूप से ट्रैक करना चाहिए और पोर्टफोलियो के प्रदर्शन की निगरानी करनी चाहिए। आमतौर पर एमबीए (वित्त), सीएफए, या सीए जैसे व्यापक बाजार अनुभव और योग्यता की आवश्यकता होती है।

अनुसंधान विश्लेषक

एक research analyst, research और विश्लेषण करता है, वित्तीय डेटा की व्याख्या करता है, और अपने ग्राहकों को बेस्ट स्टॉक के बारे में बताता है।

निवेश बैंकर

निवेश बैंकर उन निजी कंपनियों में निवेश करते हैं जो Initial Public Offering (IPO) के माध्यम से सार्वजनिक होना चाहते हैं। वे नई इक्विटी जारी करने, वित्तीय सलाहकार, और विलय और अधिग्रहण के प्रबंधन में शामिल हैं। एमबीए की न्यूनतम योग्यता के साथ व्यापक प्रशिक्षण आपको अपेक्षित कौशल हासिल करने में मदद कर सकता है।

रिलेशनशिप मैनेजर

रिलेशनशिप मैनेजर फर्मों को मौजूदा क्लाइंट्स के साथ अपने रिश्ते सुधारने और नए क्लाइंट हासिल करने में मदद करते हैं। वे ग्राहकों को उत्पाद पेश करने और ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ाने के लिए सेवाएं प्रदान करने में शामिल हैं। उन्हें शेयर बाजार के रुझानों के साथ अद्यतन करने की आवश्यकता है और बिक्री प्रदर्शन मेट्रिक्स को समझना चाहिए।

शेयर मार्केट से पैसे कमाने के तरीके?

अगर आप शेयर मार्किट से पैसे कमाना चाहते हैं तो आपके पास 2 सबसे बेहतर ऑप्शन हैं जैसे की :

  • ट्रेडिंग 
  • इन्वेस्टिंग 

ट्रेडिंग 

ट्रेडिंग में आप किसी कंपनी के शेयर को जिस दिन खरीदते हो उसी दिन बेचते भी है, मतलब इसमें आप कम दाम में शेयर खरीदते हैं और उसी शेयर को उसी दिन अधिक दाम में बेचते हैं जिससे आपको फायदा होता है। 

मान लो आपने किसी कंपनी का शेयर 10000 रुपये का ख़रीदा और उसी शेयर को उसी दिन 13000 रुपये का बेच दिया तो आपको 3000 रुपये का फायदा हुआ इससे आप रोज़ 3000 रुपये कमा सकते हैं। 

ट्रेडिंग करने के कई सारे तरीके होते हैं जैसे की डे ट्रेडिंग, पोजीशन ट्रेडिंग, स्विंग ट्रेडिंग इत्यादि। 

इन्वेस्टिंग 

इन्वेस्टिंग में आप किसी मजबूत कंपनी के शेयर को खरीदते हैं और उसे सालों तक होल्ड करके रखते हैं उसके बाद जब आपको अच्छा return मिलता है आप उसे बेच देते हैं। 

मान लो आपने किसी कंपनी में 1,00000 रुपये इन्वेस्ट किया है और आपको 5 साल में 5,00000 रुपये का return मिला तो आपने 4,00000 रुपये का प्रॉफिट कमाया है। 

इन्वेस्टिंग के भी कई सारे तरीके होते हैं जैसे की म्यूच्यूअल फण्ड, एंडोमेंट फण्ड, हेज फण्ड, इंडेक्स फण्ड इत्यादि। 

शेयर बाजार में कितना रिस्क है?

यह एक अच्छा सवाल है, शेयर मार्किट में रिस्क तो लेकिन सबसे ज्यादा रिस्क ऐसेलोगों के लिए है जो की बिना सोचे समझे लालच में आकर अपने पैसे इन्वेस्ट कर हैं। 

कई लोग होते हैं जो की ऐसे कंपनी का शेयर खरीदते हैं जिसके एक शेयर की कीमत 1 रुपये होती है अगर उनके पास इन्वेस्टिंग के लिए 10,000 रुपये है तो वे पुरे 10,000 रुपये से वही 1 रुपये वाला शेयर  सोचकर खरीदते हैं की उन्हें दोगुना return मिलेगा लेकिन ऐसे कंपनी ज्यादा समय चलते हैं नहीं और उनके पैसे भी डूब जाते हैं। 

शेयर मार्किट में 90% लोग अपने पैसे गवां देते हैं इसलिए आप हमेशा टॉप कम्पनीज जैसे की टाटा, रिलायंस, और अडानी में कम से कम 10 सालों के लिए इन्वेस्ट करें ताकि आपको अच्छा return मिल सके। 

भारत में शेयर बाजार कितने प्रकार के होते है?

शेयर मार्किट में इन्वेस्टिंग के दो तरिके हैं :

  • Primary Market 
  • Secondary Market 

Primary Market

प्राइमरी मार्किट में निवेशक किसी भी कंपनी के शेयर को सीधे कंपनी से ही खरीदता है जैसे की IPO में, जब भी कोई कंपनी पहली बार Stock Exchange पर लिस्ट होता है तो आप कंपनी के शेयर को सीधे कंपनी से खरीदते हैं न की किसी निवेशक से जिसने पहले ही ख़रीदा हो। 

Secondary Market 

सेकेंडरी मार्किट को ही शेयर मार्किट कहा जाता है, इसमें आप किसी भी कंपनी के शेयर को किसी दूसरे निवेशक से खरीदते हैं जिसने पहले ही ख़रीदा है न की सीधे कंपनी से। 

सेकेंडरी मार्किट में आप ट्रेडिंग भी कर सकते हो क्यूंकि इसमें लोग कम दाम में किसी शेयर को खरीदते हैं और उसे अधिक दाम में बेचते हैं ताकि उन्हें फायदा हो सके। 

जरुरी जानकारी:

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Equity क्या होता है? आसानी से समझें

हमें आशा है की यह ब्लॉग पोस्ट पढ़ने के बाद आपके सवाल शेयर मार्किट क्या है? कैसे काम करता है? इन सभी का जवाब आपको आसानी से मिल गया होगा। 

FAQ 

Q: शेयर मार्केट की शुरुआत कैसे करें?

Ans: सबसे पहले आपको शेयर मार्किट के किताबों को पढ़ना चाहिए उसके साथ आप ऑनलाइन शेयर मार्किट के बारे में जानकारी जुटा सकते हैं और फिर 100 रुपये से शेयर मार्किट में इन्वेस्टिंग की शुरुआत कर सकते हैं। 

Q: शेयर मार्केट में शेयर कितने प्रकार के होते हैं?

Ans: शेयर मार्किट में इन्वेस्टिंग के दो तरिके हैं : 1) Primary Market 2) Secondary Market 
A) Primary Market
प्राइमरी मार्किट में निवेशक किसी भी कंपनी के शेयर को सीधे कंपनी से ही खरीदता है जैसे की IPO में, जब भी कोई कंपनी पहली बार Stock Exchange पर लिस्ट होता है तो आप कंपनी के शेयर को सीधे कंपनी से खरीदते हैं न की किसी निवेशक से जिसने पहले ही ख़रीदा हो। 
B) Secondary Market 
सेकेंडरी मार्किट को ही शेयर मार्किट कहा जाता है, इसमें आप किसी भी कंपनी के शेयर को किसी दूसरे निवेशक से खरीदते हैं जिसने पहले ही ख़रीदा है न की सीधे कंपनी से। 
सेकेंडरी मार्किट में आप ट्रेडिंग भी कर सकते हो क्यूंकि इसमें लोग कम दाम में किसी शेयर को खरीदते हैं और उसे अधिक दाम में बेचते हैं ताकि उन्हें फायदा हो सके। 

Q: शेयर खरीदने का सही समय क्या है?

Ans: शेयर खरीदने का सबसे अच्छा समय होता है 2:00 PM क्यूंकि इतने समय तक शेयर स्थिर स्तर पर होता है। 

Q: शेयर खरीदने से पहले क्या करना चाहिए?

Ans: शेयर खरीदने से पहले निचे बताये गए कामों को पूरा करें :
1) कंपनी का बिजनेस मॉडल समझने की कोशिश करें 
2) कंपनी पर कर्ज ज्यादा नहीं होना चाहिए 
3) बैलेंस शीट और फाइनेंसियल हेल्थ यानी फंडामेंटल देखें 
4) चेक करो कि कंपनी कितनी पुरानी है 
5) सर्किट लगने वाले शेयरों में निवेश नहीं करना चाहिए 
6) कंपनी के जरूरी फाइनेंसियल रेश्यो जरूर देखें 
7) मैनेजमेंट पर एक नजर जरूर डालें

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