Machine Learning क्या है? | What is Machine Learning in Hindi?

मशीन लर्निंग Artificial Intelligence का छोटा सा हिस्सा है, आज के समय में मशीन लर्निंग (Machine Learning) दुनिया की सबसे trending Technologies में से एक है. गूगल से लेकर फेसबुक तक सभी बड़ी बड़ी Tech Companies मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करते हैं. इस आर्टिकल में आप जानोगे की मशीन लर्निंग क्या है (What is Machine Learning in Hindi), यह कैसे काम करता है, इसे कैसे सीखें और यह इतना पॉपुलर क्यों होता जा रहा है.

आप गूगल पर जो भी search करते हैं, गूगल आपके डाटा को लेता है और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके आपको उसी के हिसाब से Ads और search result दिखाता है. उसी तरह आप YouTube पर जिस टाइप की वीडियो देखते हो उसी टाइप का वीडियो यूट्यूब भी आपको Recommend करता है. 

जितने भी उदाहरण आपने ऊपर देखा वो सभी ML (Machine Learning) के ही उदाहरण हैं. मशीन लर्निंग सिस्टम का काम होता है इनपुट डाटा को लेना और उससे कुछ सीखकर आउटपुट देना. मशीन लर्निंग में मशीन यानी Computer Program को Input डाटा देकर Trained किया जाता है की किस तरह का Output Predict करना है.

मशीन लर्निंग क्या है? (What is Machine Learning in Hindi?)

मशीन लर्निंग (Machine Learning) हिस्सा है Airtificial Intelligence का, इसका इस्तेमाल मशीन को सिखाने के लिए किया जाता है और मशीन को यह भी सिखाया जाता है की जरुरत पड़ने पर किस तरह वह अपने Past Experience का इस्तेमाल करके निर्णय ले सकता है. ML मुख्य उद्देश्य कम्प्यूटर प्रोग्राम को advance बनाना है, बिना किसी मानव हस्त्क्षेप के (Human Intervention) के. 

जिस ML सिस्टम या Porgram को Trained कराया जाता है उसे Machine Learning Model कहा जाता है. मशीन लर्निंग मॉडल एक Computer Program होता है, यही Input लेता है और फिर Experience से सीखकर Output Predict करता है. 

Machine Learning in Hindi

किसी भी मशीन को Learn कराने के लिए जरुरी है Pattern, Prediction, input और Past Experience. इन सभी का इस्तेमाल करके मशीन को ऐसा बनाया जाता है ताकि वे Automatic खुद ही Decision ले सकें (decision लेने के लिए किसी इंसान का इस्तेमाल नहीं किया जाता है) और उसी के हिसाब से Output दे सकें. 

मशीन लर्निंग मॉडलमें Raw Data को Input के तौर पर दिया जाता है और फिर मशीन लर्निंग मॉडल उस Input Data को समझता है और फिर उसी हिसाब से Output को Predict करता है. चलिए एक उदाहरण से समझतें हैं.

मान लो आपने ML मॉडल में सेब का रंग लाल, वजन 20 ग्राम, आकार गोल और हाइट 5 सेंटीमीटर को इनपुट के तौर पर दिया और आपने प्रोग्राम लिखकर मशीन लर्निंग मॉडल को यह बताया की अगर जब भी कोई इनपुट दिया जाएगा जिसका रंग लाल, वजन 20 ग्राम, आकार गोल और हाइट 5 सेंटीमीटर होगा तो इस इनपुट को सेब समझकर आउटपुट दिखाना. 

इसी तरह गूगल, यूट्यूब, और फेसबुक जैसी companies आपके द्वारा देखे जा रहे वीडियो और search को Machine Learning Model को इनपुट की तरह देतें हैं और मशीन लर्निंग को प्रोग्राम लिखकर सिखा दिया जाता है की जब भी इस नाम का यूजर कुछ भी search करेगा उस यूजर को उसी हिसाब से Ads दिखाना और उसी हिसाब से वीडियो भी Recommend करना. 

मशीन लर्निंग Algorithm कैसे काम करता है?

मशीन लर्निंग मॉडल (ML Model) को बनाने और सिखाने के लिए Algorithm का इस्तेमाल किया जाता. Algorithm ऐसे steps होते हैं जिन्हे देखकर और उसी Algorithm के हिसाब से काम करके ML Model सीखता है.

What is Machine Learning in Hindi
Machine Learning Algorithms

मशीन लर्निंग मॉडल को सिखाने के लिए वैसे तो कई Algorithms हैं लेकिन मुख्य रूप से तीन Algorithm का इस्तेमाल किया जाता है.

1. Supervised Learning Algorithm 

2. Unsupervised Learning Algorithm 

3. Reinforcement Learning Algorithm 

चलिए इन तीनों Algorithm को आसान भाषा में विस्तार से समझते हैं.

Supervised Learning Algorithm 

Supervised Learning Algorithm का इस्तेमाल करके computer program यानी की ML Model को कुछ Dataset (जैसे की सेब का रंग लाल, वजन 20 ग्राम, आकार गोल और हाइट 5 सेंटीमीटर ) दिए जाते हैं इन्हीं Dataset का इस्तेमाल करके computer program (ML Model) Output को Predict करता है. 

ML Model को दो प्रकार का Dataset दिया जाता है पहला है Feature Data और दूसरा है Label Data. इन्ही Data का इस्तेमाल करके Algorithm के जरिये ML Model को यह सिखाया जाता है की किस तरह Output को Predict करना है, चलिए इसे एक उदाहरण से समझते हैं.

मान लो आपको एक ML Model को यह सिखाना है की आम को किस तरह पहचाना जाए. तो इसके लिए आपको Supervised Learning Algorithm का इस्तेमाल करना होगा. अब आपको उस ML Model को बताना होगा की आम दिखता कैसा है इसके लिए आप ML Model को Feature Data दोगे, जैसे की आम का रंग पीला, आकार गोल, और स्वाद मीठा. इसी के साथ ML Model में आपको Label Data भी देना होगा जैसे की अगर किसी इनपुट में ऐसा कुछ है तो उसका Output आम होगा, आम एक Label Data है.  

  • Feature Data —>  रंग पीला, आकार गोल, और स्वाद मीठा
  • Label Data —> आम 

अब जब आपने Supervised Learning Algorithm का इस्तेमाल करके ML Model को Feature Data देकर यह बता दिया है की अगर किसी Input में किसी चीज़ का रंग पीला, आकार गोल, और स्वाद मीठा दिखाई देगा तो Output का Prediction होगा आम. आपने इस मशीन लर्निंग सिस्टम को सिखाने के लिए Feature Data और Label Data का इस्तेमाल किया था इसलिए इस Algorithm को Supervised Learning Algorithm कहा जाता है.

Unsupervised Learning Algorithm

हम Supervised Learning Algorithm में मशीन लर्निंग मॉडल को Feature Data और Label Data देते थे लेकिन Unsupervised Learning Algorithm में ऐसा नहीं है इसमें हम मशीन लर्निंग मॉडल को Feature Data और Label Data नहीं देते हैं. इस Algorithm में मशीन लर्निंग सिस्टम को सिर्फ Input Data दिया जाता है उसी के हिसाब से ML Model Output को Predict करता है. चलिए इसे एक उदाहरण से समझते हैं.

मान लो आपने ML Model को Football और Cricket Ball ये दो प्रकार का डाटा दिया है, अब Unsupervised Learning Algorithm ML Model को यह सीखा देगा की जिस बॉल का आकार बड़ा होगा उसे एक ग्रुप A में रखो और जिस बॉल का आकार छोटा होगा उसे ग्रुप B में रखो. अगर आप ने ML Model में 100 बॉल का Data दिया है जिसमे से 50 Football हैं जिनका आकार बड़ा है और 50 Cricket Ball हैं जिनका आकार छोटा है, तो अब ML Model इन दोनों बॉल को दो अलग अलग ग्रुप में रख देगा. 

ऊपर दिए गए उदाहरण में आपने ML Model को सिर्फ Input Data दिया था और Unsupervised Learning Algorithm का इस्तेमाल करके आपने ML Model को यह सिखा दिया की किस तरह Football और Cricket Ball में अंतर समझ के Output को Predict करना है. इसमें आपने ML Model को Feature Data और Label Data नहीं दिया था इसलिए इसे Unsupervised Learning Algorithm कहा जाता है.

Reinforcement Learning Algorithm

Reinforcement Learning Algorithm में मशीन लर्निंग मॉडल को Feedback के जरिए सिखाया जाता है की किस तरह किसी भी Input को पहचनाकर सही Output Predict करना है. चलिए इसे एक उदाहरण से सझते हैं.

मान लो आपने एक मशीन लर्निंग मॉडल को Input दिया जैसे की एक Dog का Image अगर मशीन लर्निंग मॉडल इस Dog के Image को नहीं पहचान पाता है तो आप उसे एक Feedback देंगे जैसे की, आप उसे Reinforcement Algorithm का इस्तेमाल करके यह बताएँगे की अब जो भी इस तरह का Image Input के रूप में आएगा उसे Output में Dog Predict करना है. अब आगे जो भी Image पहले वाले Dog के Image से मिलता जुलता आएगा तो यह मशीन लर्निंग मॉडल Output में Dog को Predict करेगा. 
अन्य मशीन लर्निंग Algorithms.

  • LinearRegression 
  • Logistic Regression 
  • Naive Bayes 
  • decision tree 
  • K-Mean 
  • KNN 
  • RandomForest 
  • SVM 

मशीन लर्निंग का इतिहास (History of Machine Learning in Hindi)

आज भले ही मशीन लर्निंग काफी Advance हो गया है लेकिन आज 71 साल पहले ही मशीन लर्निंग का विचार ब्रिटश के गणितज्ञ AlanTuring के दिमाग में आ गया था.

  • साल 1950 में AlanTuring को यह विचार आया की क्या मशीन भी हम इंसानों की तरह सोच सकते हैं, इसके बाद उन्होंने The Imitation Game बनाया जिसमे उन्होंने दो इंसान और एक कम्प्यूटर को तीन अलग अलग रूम में बैठा दिया और पहला इंसान Text मैसेज के फॉर्म में सवाल पूछता था अब एक रोबोट और एक इंसान ये दोनों पहले वाले इंसान द्वारा पूछे जा रहे सवाल का जवाब दे रहे थे, लेकिन अब क्यूंकि तीनों अलग अलग कमरे में हैं इसलिए पहले वाला इंसान जो सवाल पूछ रहा था उसे यह नहीं समझ आ रहा था की जवाब इंसान दे रहा है या फिर कंप्यूटर. एलन टूरिंग का मानना था की अगर पहला इंसान यह नहीं समझ पाएगा की जवाब दूसरा इंसान दे रहा है या फिर कम्प्यूटर तो यह साबित हो जाएगा की Computer भी इंसानों के तरह सोच सकते हैं.
  • साल 1952 में कंप्यूटर वैज्ञानिक Arthur Samuel ने IBM कंपनी में एक गेम बनाया जिसका नाम था सेवन चेकर्स इसमें वह गेम खुद ही Learn करके बेहतर बन रहा था.
  • साल 1958 में कंप्यूटर प्रोग्रामर Frank Rosenblatt ने एक Perceptron नाम का एक Algorithm बनाया यह Algorithm Pattern को कैप्चर करता था और Pattern Recognize करता था. आज के Finger print lock और Face lock इसी सिद्धांत पर काम करते हैं.
  • साल 1979 में Stanford University के कुछ लोगों ने मिलकर एक रोबोट बनाया जिसका नाम था Stanford cart. इसकी ख़ास बात यह था की इसके रास्ते में आने वाले हर चीज़ को यह Detect करके अपना रस्ता बदल सकता था.
  • साल 1985 में Terry Sejnowski नामक कंप्यूटर प्रोग्रामर ने Net Talk नामक एक प्रोग्राम बनाया इसकी ख़ास बात यह थी की यह प्रोग्राम खुद से ही इंग्लिश के Word को सीख सकता था और बोल भी सकता था. बाद में इसमें बहुत सारे बदलाव हुए और आज इसे हम Google Assistance और Siri के नाम से जानते हैं.

मशीन लर्निंग का इस्तेमाल (Application of Machine Learning in Hindi)

मशीन लर्निंग ऐसी टेक्नोलॉजी है जो की हम इंसानों के जीवन को काफी आसान कर रहा है. चलिए जानतें हैं ML के टॉप Application के बारे में.

1. Self Driving Car :

Self Driving Car में मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाता है. Unsupervised Learning Algorithm का इस्तेमाल करके cars को training दिया जाता है जिससे वह कार ड्राइवर के बिना ही चल सकती है.

आपने Tesla का नाम तो सुना ही होगा यह कंपनी Self Driving Cars को बनाती है और पुरे मार्किट में इसका ही कब्ज़ा है. Tesla कंपनी के मालिक हैं  Elon Musk. Waymo, GMCruise, ArgoAI ये कम्पनीज भी Self Driving Cars को बनाती हैं. हालाँकि अभी इस टेक्नोलॉजी में और भी Advancement होना बाकी है.

2. Traffic Alert :

अगर आप Google Map का इस्तेमाल करते हो तो आपने देखा होगा की, जब आगे रस्ते में ट्रैफिक ज्यादा रहता है तब  गूगल मैप आपको Traffic Alert का मैसेज दिखाता है ये भी मशीन लर्निंग से ही संभव है.

जब सभी लोग मैप का इस्तेमाल कर रहे होतें हैं तो गूगल मैप सभी के Location, Speed, और Route को प्रोसेस करता है और उसपर मशीन लर्निंग Alorithms का इस्तेमाल करके आपको सही Route दिखाता है.

3. Product Recommendation :

आप Amazon पर एक Product खरीदने गए लेकिन अपने उसे ख़रीदा नहीं और अगले दिन आप YouTube देख रहे थे और उसपर उसी same Product का Ad आया जिसे आपने Amazon पर खरीदने  गए थे लेकिन आपने उसे ख़रीदा ही नहीं, फिर आप Facebook पर गए तो वहाँ भी उसी Product का Ad Show हो रहा था.

आपके Online Behaviour को ट्रैक करके उसपर मशीन लर्निंग Algorithm लगाया जाता और फिर आपको वही Ad दिखाया जाता है जिसमे आप Interested हो.

4. Social Media :

जब आप इंस्टाग्राम या फिर Facebook पर अकाउंट बनाते हो तो आपको ऐसे Friend Suggestions आते हैं जो की आपके कांटेक्ट लिस्ट में रहते हैं या आप उनसे कभी मिल चुके होते हो ये सभी मशीन लर्निंग से ही होता है.

Facebook आपके कांटेक्ट लिस्ट में से आपके friends का लिस्ट निकालता है और फिर आपको नए फ्रेंड्स suggest करता है. इसी तरह का Algorithm Instagram पर भी होता है, इसीलिए वह आपको Tag करने के लिए आपके दोस्तों का लिस्ट दिखाता है. 

अगर आपका face किसी और के भी फोटो में दिखता है तो Facebook उसपर भी Algorithms लगाकर यह समझ जाता है की अगर आप उसके फोटो में हो इसका मतलब आप पहले मिल चुके हो और आप जिसके फोटो में थे उसका Friend Suggestion आपको करता है और आपके दोस्त को भी आपके नाम से Friend Suggest करता है.

5. Virtual Personal Assistance :

आपने Google Assistance और Cortana का इस्तेमाल तो किया ही होगा ये सभी  Virtual Personal Assistance का उदाहरण हैं. जब भी आप ok google बोलते हो तो GoogleAssistance आपको रिप्लाई देता है और आप जो भी सवाल पूछते हो उसका जवाब भी देता है.

एक Perfect Virtual Personal Assistance बनाने के लिए Speech Recognition, Speech To Text Conversion, Text To Speech Conversion, और Natural Language Processing का इस्तेमाल किया जाता है. 

6. Google Translate :

जब भी आपको English से Hindi में किसी sentence को Translate करना होता है तब आप GoogleTransalate का इस्तेमाल करते हो, लेकिन का आपने कभी सोचा है की गूगल ट्रांसलेट यह सब कैसे कर लेता. 

GoogleTranslate का इस्तेमाल करके आप दुनिया के कई भषाओं को आपस में Translate कर सकते हो. गूगल ट्रांसलेट पर मशीन लर्निंग  किया जाता है, गूगल ट्रांसलेट पर Natural Language Processing Algorithm को Apply किया जाता है जिससे वह किसी भी भाषा (English) को किसी अन्य भाषा (हिंदी) में आसानी से Translate कर देता है.

7. Online Video Streaming :

अगर आप Netflix का इस्तेमाल करते हो तो आपने यह जरूर Notice किया होगा की Netflix आपको आपके पसंद की मूवी को सही समय पर आपको Recommend करता है. चलिए समझतें हैं की किस तरह Netflix आपके के Behaviour के अनुसार आपको Movies Recommend करता है.

जब भी आप Netflix पर कोई भी series या movie देख रहे होते हो तब Netflix आपके सभी Behaviour को समझता है जैसे की आप किस समय ज्यादा मूवी देखते हो, आप दिनभर में कितना मूवी देखते, आप मूवी को Play और Pause कब करते हो. इस Bahaviour को मशीन लर्निंग Algorithm में Put किया जाता है और उसी के  हिसाब से आपको Movies या series Recommend किया जाता है.

8. Fraud Detection :

आज के समय में Online Money फ्रॉड काफी ज्यादा बढ़ गया है, एक रिपोर्ट के हिसाब से साल 2020 में करीब 2.30 लाख करोड़ रूपए का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ था. इसको रोकने का सबसे कारगर और अच्छा उपाय है मशीन लर्निंग. 

सभी कम्पनीज अपने ऑनलाइन पेमेंट गेटवे में मशीन लर्निंग मॉडल का इस्तेमाल कर रहे हैं. जब भी आप ऑनलाइन कार्ड पेमेंट करते हो तब मशीन लर्निंग मॉडल यह Detect करता है की कहीं आपके system में कोई दूसरा Attack करने की कोशिश तो नहीं कर रहा है अगर मशीन लर्निंग मॉडल कुछ भी ऐसा Detect करता है तो वह उसे वहीँ पर ब्लॉक कर देता है.

9. Image Recognition :

मशीन लर्निंग का इस्तेमाल Image Recognition के लिए भी किया जाता है, जब आप अपने मोबाइल को Face lock से लॉक करते हो तब वह सिस्टम मशीन लर्निंग के Algorithm के हिसाब से आपके Face को पहचानता है और Unlock करते समय Match करता है.

10. Email Spam Checking :

आपके ईमेल अकाउंट में आपने स्पैम वाला फोल्डर तो देखा ही होगा, यहाँ पर सभी ऐसे ईमेल पड़े होतें हैं जो की आपके सिस्टम को नुक्सान पहुंचा सकता है. 
मशीन लर्निंग मॉडल कुछ Filter का इस्तेमाल करके ऐसे इमेल्स को पहचानता है जो की spamy हो सकता है. निचे कुछ Filtering के तरीकों के नाम दिए गए हैं.

  • Header Filter 
  • Content Filter 
  • Rule-Based Filter 
  • Permission Filter 
  • General Backlists Filter 

मशीन लर्निंग का भविष्य (Future of Machine Learning in Hindi)

आज के समय में इसका इस्तेमाल काफी ज्यादा हो रहा है और आने वाले समय में यह हमारी ज़िन्दगी पूरी तरह बदल देगा, गूगल और Tesla जैसे बड़ी टेक कम्पनीज़ Self Driving Car जैसी संकल्पना हो धीरे धीरे सच कर रहें हैं जो की पहले मुमकिन नहीं लग रहा था.

इसके आलावा भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ पर मशीन लर्निंग का इस्तेमाल चालू हो गया और भविष्य में इसकी Demand और भी बढ़ेगी. मशीन लर्निंग का भविष्य काफी उज्जवल होगा और साथ ही ये हमें आरामदायक ज़िन्दगी जीने में भी मदद करेगा. 

कई बड़े हॉस्पिटल्स में पेशेंट के अंदर Cancer Cell का पता करने के लिए इसी का ही इस्तेमाल किया जाता है जिससे समय पर पेशेंट का इलाज होने से उसकी जिंदगी भी बच जाती है. भविष्य में इसका इस्तेमाल करके कई चीज़ों को Automate कर दिया जायेगा. 

तो अगर आप एक Student हैं तो इस विषय पर आपको जरूर काम करना चाहिए, अगर आपको Machine Learning सीखना है तो आपके पास कुछ विषयों की जानकारी पहले ही (Pre-Requisite) होनी चाहिए जैसे की 

  • Statistics & Probability 
  • Algebra 
  • graph theory 
  • Calculus 
  • Programming Languages –> Python, C, C++, Ruby, MatLab. 

मशीन लर्निंग कैसे सीखें (How To Learn Machine Learning in Hindi)

अगर आपको मशीन लर्निंग सीखना है तो आपके पास दो ऑप्शन हैं 

  • Offline Classes 
  • Online Tutorials 

अगर आप Offline जातें है तो आपको कुछ Fees भी pay करना होता है लेकिन Online के जरिये आप Free में भी Machine Learning को सीख सकते हो.
फ्री में सीखने के लिए आपको सिर्फ YouTube पर जाना है और टाइप करना है Machine Learning Tutorial in Hindi उसके बाद आप किसी भी चैनल के Tutorial को देख सकते हैं (What is Machine Learning in Hindi).

लेकिन आपको यह ध्यान में रखना होगा की मशीन लर्निग सीखने से पहले उसके Pre-Requisite को पहले सीखें जैसा की ऊपर बताया गया है. अगर आप चाहो तो किसी भी अच्छे Institue से Online भी इसका Paid Course कर सकते हो.

Artificial Intelligence vs Machine Learning vs Deep Learning

Artificial IntelligenceMachine LearningDeep Learning
Artificial Intelligence कंप्यूटर Science का एक बहुत बड़ा क्षेत्र है.ML एक छोटा सा हिस्सा है AI का जो की Algorithms के जरिये सिस्टम को सिखाता है.
DL एक छोटा सा हिस्सा है Machine Learning का, जो की Neural Network के आधार पर काम करता है.
बिना किसी मानव के हस्तक्षेप के यह मशीन को सोचना सिखाता है.इसमें मशीन को सिखाने के लिए ML Algorithms का इस्तेमाल किया जाता है, यह सिस्टम खुद से नयी चीज़ों को सीख सकता है बिना किसी Human Intervention के.इसमें मशीन को Example का इस्तेमाल करके सिखाया जाता है. 
AI सिस्टम तीन पार्ट्स में बाटा गया है, Artificial Narrow Intelligence, Artificial General Intelligence, और Artificial Super Intelligence. ML को तीन Categories में बांटा गया है, Supervised, Unsupervised, और Reinforcement लर्निंग.Convolution Neura Network, Recurrent Neural Network, और Recursive Neural Netwrok ये तीन DL के प्रकार हैं.
AI एक बड़ा कांसेप्ट है जिसमे मशीन को इंसानो की तरह सोचने के लिए सिखाया जाता है, Self Driving कार AI का एक अच्छा उदहारण है.Music और वीडियो Recommendation सिस्टम ML का एक अच्छा उदाहरण है.Driver Less कार Deep Learning का एक अच्छा उदाहरण है.
AI सस्टम को Preprogrammed करने की जरुरत नहीं पड़ती है, यह Machine Learning और Deep Learning Algorithm का इस्तेमाल करता है मशीन को सिखाने के लिए.
मशीन को सिखाने के लिए इसमें Supervised, Unsupervised, और Reinforcement Algorithms का इस्तेमाल किया जाता है.DL सिस्टम Information को प्रेडिक्ट और Classify करने के लिए इनपुट डाटा को कंप्यूटर मॉडल में Filter करता है.
Artificial Intelligence के लिए सबसे अच्छा प्रोग्रामिंग Language है Python, Java, और Julia.
Machine Learning के लिए सबसे अच्छा प्रोग्रामिंग Language है Python, C++, और Javascript.
Deep Learning के लिए सबसे अच्छा प्रोग्रामिंग Language है Python, Java, और Lisp.

Conclusion

हमें आशा है की यह आर्टिकल पढ़ने के बाद Machine Learning से जुड़े आपके कई सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे जैसे की मशीन लर्निंग क्या है (What is machine Learning in Hindi), यह कहाँ इस्तेमाल किया जाता है (Application of Machine Learning in Hindi) और इसे सीखना जरुरी क्यों हैं. अगर Personaly कहूं तो आपको ML जरूर सीखना चाहिए क्यूंकि भविष्य में इसका डिमांड काफी बढ़ जाएगा, आज के समय में ही मशीन लर्निंग Engineers की डिमांड काफी अधिक है. 

आप अपने विचार और सुझाव निचे कमेंट में लिखकर हम तक पहुंचा सकते हैं.

Vikas Tiwari

विकास तिवारी इस ब्लॉग के मुख्य लेखक हैं. इन्होनें कम्प्यूटर साइंस से Engineering किया है और इन्हें Technology, Computer और Mobile के बारे में Knowledge शेयर करना काफी अच्छा लगता है.

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