ISRO Full Form और इसरो की पूरी जानकारी Full Information in Hindi?

इसरो आज के समय में अंतरिक्ष में भारत की पहचान बन चूका है इसरो (ISRO) ने ऐसी ऐसी उपलब्धियाँ हासिल की है जो की दुनिया के कुछ ही देशों ने हासिल किया है. भारत के इसरो ने ही चाँद पर पानी की खोज किया था और एक साथ 104 Satellite को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करके ISRO ने दुनिया को चौका दिया था और अब तब इसरो के इस रिकॉर्ड को कोई अन्य स्पेस एजेंसी नहीं तोड़ पाया है.

इसरो ने और भी कई रिकॉर्ड कायम किया है. अगर आप विद्यार्थी हैं या फिर online परीक्षा की तैयारी कर रहें हैं तो आपको ISRO का फुल फॉर्म (ISRO Ka Full Form in Hindi) जरूर मालुम होना चाहिए. ख़ास कर Current Affair में ऐसे सवाल पूछे जाते हैं तो चलिए जानतें हैं की इसरो का फुल फॉर्म क्या है और इसरो क्या काम करता है? (ISRO Full Information in Hindi).

इसरो का फुल फॉर्म क्या है? (ISRO Ka Full Form in Hindi)

ISRO का Full Form है Indian Space Research Organisation, हिंदी में इसरो का फुल फॉर्म है भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन. 15 अगस्त 1969 को इसरो की स्थापना हुई थी, विक्रम अंबालाल साराभाई को इसरो का जनक माना जाता है.

ISRO Full Form in Hindi

इसरो ने ऐसे कई रिकॉर्ड कायम किया है जिसे दुनिया के कई देश अभी तक नहीं कर पाए हैं, इसरो दुनिया का पहला स्पेस एजेंसी था जिसने अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर उपग्रह को सफलतापूर्वक भेजा था.

अब तक (2021) इसरो ने कुल 370 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा है जिसमे से 101 भारतीय उपग्रह है और 269 अन्य देशों के उपग्रह हैं. आने वाले समय में इसरो और भी कई अंतरिक्ष मिशन करने वाला है जिससे इसरो द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए उपग्रहों की संख्या में वृद्धि होगी. 

इसरो दुनिया की Top 5 सबसे सफल स्पेस एजेंसी (Space Agencies) में से एक है आने वाले कुछ सालों में इसरो अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा इसमें सबसे खास बात यह है की इस मिशन के लिए इसरो खुद ही तकनीकों और उपकरणों का निर्माण करेगा. 

इसरो की पूरी जानकारी (ISRO Full Information in Hindi)

साल 1962 में देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने Indian National Committee for Space Research (INCOSPAR) की स्थापना की और वैज्ञानिक विक्रम साराभाई को INCOSPAR का कार्यभार दिया गया. समय के साथ INCOSPAR ने विकास किया और साल 1969 में विक्रम साराभाई ने किया INCOSPAR का नाम बदल कर ISRO रख दिया, इसरो का Head Quarter बैंगलोर में मौजूद है.

आज के समय में इसरो भारत के साथ अन्य कई देशों के Satellites को अंतरिक्ष में भेजता है और कई अलग अलग ग्रहों पर मिशन भी भेजता है. इसरो के अंतरिक्ष मिशन के लिए अहमदाबाद में Sensors और Payloads का निर्माण किया जाता है जो की स्वदेशी तकनीक से बनाया जाता है. Satellite को डिज़ाइन करने का काम, बनाने का काम, और टेस्टिंग करने काम UR Rao Satellite सेंटर में ही किया जाता है जो की बैंगलोर में स्थित है. 

Launch Vehicles को निर्माण करने का काम विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में किया जाता है जो की थिरुवनंतपुरम में स्थित है, Satellites को लॉन्च करने का काम सतीश धवन स्पेस सेंटर में किया जाता है को की चेन्नई में स्थित है.

पृथ्वी के कक्ष में मौजूद Geostationary Satellites को कंट्रोल करने का काम भोपाल से किया जाता है और Remote Sensing डाटा को प्रोसेस करने का काम हैदराबाद से किया जाता है.

ISRO Full Form and Information in Hindi

इसरो के पहले Satellite आर्यभट (Aryabhata) को सोवियत यूनियन ने 19 अप्रैल 1975 को लॉन्च किया था, 18 जुलाई 1980 को इसरो ने खुद से Launch Vehicle का निर्माण किया और रोहिणी नामक Satellite को लॉन्च किया था. उसके बाद इसरो ने कई सारे मिशन लॉन्च किए जिसमे से कई सफल मिशन थे तो कुछ मिशन असफल भी हो गए थे.

इसरो के भविष्य के मिशन (ISRO Future Missions in Hindi)

इसरो आने वाले समय में काफी बड़े बड़े मिशन को लॉन्च करने वाला है इसरो के सभी भविष्य के मिशन के बारे में आपको अवश्य पता होना चाहिए. इसरो के भविष्य मिशन के लिस्ट निचे दिया गया है. 

1. चंद्रयान 3 – संभावित लॉन्च 2021 : यह मिशन चंद्रयान 2 में किय गए कोशिस को सफल करने के लिए लॉन्च किया जाएगा इसमें Lunar Lander और Rover शामिल होंगे. 

2. गगनयान – संभावित लॉन्च 2021 : यह मिशन Human Spaceflight Program के अंतर्गत आता है जिसमे भारतीय स्पेस क्राफ्ट में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को बैठाकर पृथ्वी के कक्षा में ले जाया जाएगा.

3. आदित्य L1 – संभावित लॉन्च 2022 : आदित्य L1 मिशन भारत का पहला मिशन है जिसमे सूरज के कोरोना का अध्ययन किया जाएगा, इसे 2022 के शुरुआत में लॉन्च  किया जाएगा.  

4. NISAR – संभावित लॉन्च 2022 : NASA-ISRO (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) यह मिशन NASA और ISRO का ज्वाइन मिशन होगा इस मिशन का उद्देश्य है Remote Sensing के लिए Synthetic Aperture Radar Satellite का निर्माण करना और पृथ्वी के कक्ष में पहुँचाना. 

5. शुक्रयान 1 – संभावित लॉन्च 2023 — यह मिशन शुक्र ग्रह के वातावरण के निरिक्षण करने के लिए लॉन्च किया जाएगा. 

6. मंगलयान 2 – संभावित लॉन्च 2022 :  Mars Orbiter Mission-2 (MOM-2) इसरो का दूसरा Interplanetary Mars मिशन है, इस मिशन में एक Orbiter को मंगल ग्रह के कक्ष में भेजा जाएगा.

7. Lunar Polar Exploration Mission – संभावित लॉन्च 2024 – यह  मिशन ISRO और JAXA (जापान की स्पेस एजेंसी) का ज्वाइन प्रोजेक्ट है जिसमे चाँद के South Pole में शोध करने के लिए Lander और Rover को भेजा जाएगा. 

इसरो की उपलब्धियां (ISRO Achievements in Hindi)

इसरो की स्थापना साल 1969 में हुई थी और तब से लेकर अब तक इसरो ने कई मिशन लॉन्च किए जिसमे से कुछ सफल हुए तो कुछ मिशन असफल भी हुए थे, तो चलिए इसरो के उपलब्धियों के बारे में जानतें हैं.

1. Satellite Launch Vehicle : इसरो ने अपना पहला Satellite “आर्यभट” को सोवियत यूनियन द्वारा लॉन्च कराया था, लेकिन साल 1980 में APJ Abdul कलाम के Guidance में इसरो ने अपना पहला Satellite Launch Vehicle का निर्माण किया था यह इसरो की पहली उपलब्धि थी.

2. चंद्रयान 1 : साल 2008 में इसरो ने पहला चंद्रयान-1 मिशन लॉन्च किया था जो की एक सफल मिशन था, इसी मिशन के बदौलत इसरो ने दुनिया को बताया की चाँद पर पानी के अंश मौजूद हैं. यह भी इसरो की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है.

3. मंगलयान 1 – साल 2013 में इसरो ने मंगलयान मिशन को लॉन्च किया जिसे Mars Orbiter Mission (MOM) भी कहा जाता है जो की एक सफल मिशन था, मंगल ग्रह पर इसरो का यह पहला मिशन था और इसरो ने अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह के कक्ष में ऑर्बिटर भेजा था इससे पहले दुनिया के किसी भी स्पेस एजेंसी अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर नहीं पहुँच पाया था, लेकिन इसरो ने यह कारनामा कर दिखाया था.

4. एक साथ 104 Satellite : साल 2017 में इसरो ने एक साथ 104 Satellite को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था जो की एक विश्व रिकॉर्ड है, इससे पहले अन्य किसी स्पेस एजेंसी ने एक साथ इतने सारे satellites को नहीं लॉन्च किया था यह भी इसरो की काफी बड़ी उपलब्धि है.

5. NAVIC (IRNSS) : इसरो ने Navigation Satellite (Indian Regional Navigation Satellite System) को पृथ्वी के कक्षा में लॉन्च किया है जिसकी सहायता से भारत के कई हिस्सों पर नज़र रखा जा सकता है जो की देश की सुरक्षा के लिए काफी जरुरी है.

अकसर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’s About ISRO in Hindi)

1. ISRO का  फुल फॉर्म क्या है? — ISRO का फुल फॉर्म (Full Form) है Indian Space Research Organisation 

2. इसरो का जनक किसे माना जाता है? — विक्रम अंबालाल  साराभाई को इसरो का जनक माना जाता है.

3.इसरो  स्थापना कब हुई थी? — इसरो की स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई थी.

4. इसरो का मुख्य उद्देश्य क्या है? — देश के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी का निर्माण करना इसरो का मुख्य उद्देश्य है.

5. इसरो के कितने सेंटर हैं? — इसरो के कुल 6 सेंटर हैं.

6. भारत का पहला लॉन्च Vehicle कौनसा है? — Satellite Launch Vehicle-3 (SLV-3) भारत का पहला लॉन्च Vehicle है.

7. भारत का पहला Satellite कौनसा है? — आर्यभट भारत का पहला Satellite है.

Conclusion :

हमें आशा है यह आर्टिकल पढ़ने के बाद आपके कई सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे जैसे की इसरो का फुल फॉर्म क्या है (ISRO Ka Full Form in Hindi), इसकी स्थापना कब हुई थी और इसरो के मुख्य मिशन की जानकारी (ISRO Full Information in Hindi).

अगर आप किसी Competitive Exam की तैयारी कर रहे हो तो आपको इसरो से जुडी मुख्य बातों को जानना और याद रखना जरूरी है इसलिए अगर आपको एक बार पढ़ने के बाद याद नहीं हुआ है तो आप इस आर्टिकल को दुबारा पढ़ सकते हैं.

अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा और कुछ जानने को मिला तो इसे आप अपने दोस्तों को भी शेयर करें.  आप अपने सुझाव और विचार निचे कमेंट में लिखकर हमें बता सकते हैं.

Vikas Tiwari

विकास तिवारी इस ब्लॉग के मुख्य लेखक हैं. इन्होनें कम्प्यूटर साइंस से Engineering किया है और इन्हें Technology, Computer और Mobile के बारे में Knowledge शेयर करना काफी अच्छा लगता है.

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