कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्या है? | Artificial Intelligence in hindi ?

Artificial Intelligence क्या है ? (What is Artificial Intelligence in Hindi) यह एक ऐसा सवाल है जिसके बारे में सभी को जानना जरुरी है , हमारी दुनिया भी बहुत ही अधिक गति से बदल रही है हमारे पास Smartphones , Computer तथा Internet जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं, और यह सब आधुनिक विज्ञान तथा टेक्नोलॉजी से ही संभव हुआ है.

आने वाले समय में AI(कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का सहयोग आधुनिक विज्ञान में बहुत ही महत्वपूर्ण होगा,बड़ी से बड़ी Tech Companies भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने लगीं हैं.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मनुष्य के उन सभी कामो को आसान बना देती है, जो की हमारे लिए बहुत की कठिन होता है.इसीलिए इसकी market demand है. तो अगर आप कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में जानना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल को अंत तक ध्यान से पढ़ें ,कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्या है? और यह क्यों इतना जरुरी है.

AI क्या है? ( What is Artificial Intelligence in Hindi)

जब हम मशीनों को कुछ इस तरह प्रोग्राम करते हैं ,की वह भी हम इंसानो जैसे ही सोच पाए तथा हमारी real world प्रोब्लेम्स को आसानी से solve कर सकें, सिर्फ अपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके जो की प्राकृतिक नहीं होता है, हम इंसान ही मशीनो को सिखाते हैं.ऐसे मशीनों को AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) कहा जाता है. AI का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स तथा कम्प्यूटर्स में किया जाता है।

AI को मुख्यतः तीन चीज़ें सिखाई जाती है.

1. Learning जिसमे मशीनों को information दिया जाता है तथा उन्हें कुछ rules सिखाए जाते हैं.

2. Reasoning इस प्रोसेस में मशीनों को सिखाया जाता है की वो बनाए हुए rules का पालन करें तथा result की ओर अग्रसर हों.

3. Self-correction अपनी गलतियों को ये machines खुद भी सुधार सकें.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence in Hindi) का application मुख्यतः Expert system , Speech recognition तथा Machine vision है. AI ऐसी मशीनें होती हैं, जो की इंसानों जैसे ही सोच सकती हैं तथा बिना रुके कुछ ही सेकंड में कठिन से कठिन सवाल भी हल कर सकती हैं,AI मशीनें हम इंसानों की तरह कभी थकती नहीं हैं ये लगातार काम कर सकती हैं,इसीसलिए आज के युग में AI की माँग बहुत ज्यादा हुई है तथा आने वाले कुछ सालों में इसकी माँग बढ़ेगी.

अगर आपको AI को आसान तरीके से समझना है तो आपको बस इतना ध्यान देना है,की जिस तरह हम इंसान जब किसी भी चीज़ को देखते हैं,तो दोबारा उसी चीज़ को देखने से हमें वह याद आ जाता है की हमने इसको पहले भी देखा है और इसकी पहचान क्या है.जिस तरह हम मनुष्य गणित के कठिन से कठिन सवालों के जवाब ढूंढ लेते उसी तरह AI भी इन्ही सवालों के जवाब सेकंडस में ढूंढ लेते हैं.क्यूंकि AI की स्पीड बहुत अधिक होती है.

AI का विचार सबसे पहले John mccarthy को 1956 में आया था जो की एक अमेरिकन Computer scientist थे,तब से लेकर अबतक AI के concepts पर बहुत अधिक काम किया गया है.आज कल की कंपनियों के पास बहुत अधिक मात्रा में raw डाटा मौजूद होता है जिसमें AI काफी आसानी से raw डाटा के patterns को identify कर सकती है लेकिन यही काम इंसानों को करना बहुत कठिन हो जाता है.

आजकल के युग में robotics का भी उपयोग हो रहा है इसमें भी हम AI का इस्तेमाल करते हैं,हम AI की हेल्प से robots को ऐसे काम सिखाते हैं जो की वे खुद से कर सकें.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लक्ष्य (Aim of Artificial Intelligence in Hindi)

AI का मात्र यही एक उद्देश्य है की वह इंसानों की तरह सोच सके चीज़ों को समझ सके,और AI मशीन्स उन कामों को बहुत आसानी से कर सकें इंसानों के लिए काफी मुश्किल होता है.इस समय तो यही लगता है की मार्केट में सबसे ज्यादा मांग AI की ही होगी.

Expert system बनाना – जो की Intelligent behavior प्रदर्शन कर सके ,demonstrate तथा Explain कर सके इसके साथ ही सीख भी सखे तथा users को सलाह दे सके. Human Intelligence को मशीन्स में implement करना – ऐसे sysytem बनाना जो की इंसानों की तरह सोच सके ,समझ सके तथा इंसानों की तरह behave कर सके. Artificial Intelligence को बहुत सारे भागो में divide किया जा सकता है, लेकिन उनमे से दो सबसे मुख्य हैं 1. Weak AI 2. Strong AI

Weak AI

इस प्रकार के AI limited होते हैं जो की केवल limited टास्क कर सकते हैं,इन्हे कुछ ऐसा डिज़ाइन ही किया जाता है की ये particular काम ही कर सकें.उदाहरण के तौर पर Apple की virtual personal assistant जैसे की siri तथा microsoft की cortana ये सारे weak AI के अच्छे उदाहरण हैं.

Strong AI

strong AI को general artificial intelligence भी कहा जाता है,ऐसे AI system में एक मनुष्य की बुद्धिमत्ता होती है.अगर strong AI को कठिन से कठिन काम भी दिया जाए तो ये कर सकतें हैं.1950 में Alan Turing ने Turing मशीन का निर्माण किया इसका काम यह सुनिश्चित करना था की क्या मशीन भी इंसानों की तरह सोच सकती है.

Computer scientist ने Artificial Intelligence (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) को चार श्रेणियों में बांटा है.

1.Reactive Machines

ऐसी मशीनो के पास मेमोरी नहीं होती है,इसका एक उदाहरण है deep blue जिसे 1990 में IBM कंपनी ने चेस खेलने के लिए बनाया था,deep blue ने उस वक्त के मशहूर चेस खिलाडी Garry Kasporov को हराया था हालाँकि इसके पास अपनी खुद की मेमोरी नहीं थी जिससे यह मशीन अपने पिछले moves को याद नहीं कर सकता था यह केवल future prediction कर सकता था.

2. Limited Memory

ऐसी मशीनों के पास खुद की मेमोरी होती है,जिससे ये अपनी past experience का इस्तेमाल करके भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में बता सकतीं हैं इनका इस्तेमाल Autonomous Vehicles (Self Driving Car) में होता है,जिससे ये machines अपनी past eperience से भविष्य होने घटनाओं के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त कर सकतीं हैं जिससे Accident के बारे में पहले से ही मालूम किया जा सकता है.

3.Theory of Mind

यह मात्र एक Hypothetical कांसेप्ट है,इसमें मशीनों पास खुद का belief,intentions तथा desires होते हैं.जो की future prediction में impact डालते हैं हालाँकि अभी ऐसे AI का अस्तित्स्व नहीं है.

4. Self-Awareness

इस श्रेणी के AI system के पास अपनी खुद की चेतना (consciousness) होती है,जो की दुनिया को हम इंसानों की तरह ही समझ सकते है.ऐसे AI system का अस्तित्व नहीं हैं क्योंकि इनको बनाना बहुत ही कठिन है,लेकिन future technology को देखते हुए ऐसा लगता है आने वाले 20 सालों में हमारे पास ऐसी टेक्नोलॉजी मौजूद होगी।

Artificial Intelligence Technology के उदाहरण?

Automation :- इसमें system तथा process को automatic दिया जाता है,जैसे की Robotics में code को पहले से ही इनके system में फिक्स कर दिया जाता है.जो की repeatable tasks को आसानी से कर सकता है.

Machine Learning :- ऐसी मशीनों को automation करके predictive बनाया ये तीन प्रकार के होते हैं पहला है supervised learning दूसरा है unsupervised learning और तीसरा है reinforcement learning तीनों की अपनी अलग अलग खासियत होती है.

Machine Vision :- इस श्रेणी के AI सिस्टम को इंसानों की देखने लायक बनाया जाता है लेकिन ये काफी उन्नत होते हैं ये दिवार के पार भी देख सकते हैं,इसलिए इनका इस्तेमाल मेडिकल छेत्र में होता है.

Natural Language Processing :– NLP में मशीनों को इंसानी भाषा भी मालूम होती है,जिससे वे अलग अलग text को पहचान सकती है.इनका इस्तेमाल स्पैम ईमेल को चेक करने के लिए भी किया जाता है.

Pattern Recognition :- यह एक machine learning का ब्रांच है जिसमे मशीनों को डाटा pattern analyse करने के लिए दिया जाता है,जिसमे यह अलग अलग प्रकार के डाटा के pattern analyse करता है.

Robotics :- इसमें केवल robots को बनाने में ध्यान दिया जाता है क्योंकि robots ऐसे काम बहुत ही आसानी से कर सकते हैं जो की इंसानो के लिए बहुत ही मुश्किल होता है.

AI के Applications क्या हैं? (Application of Artificial Intelligence in Hindi)

आज के आधुनिक युग में जैसे जैसे टेक्नोलॉजी में advancement हो रहा है वैसे ही Artificial Intelligence के Application बढ़ते ही जा रहे हैं, जो की हमारे जीवन को सरल बना देतें है आज के समय में AI सबसे ज्यादा उभरती हुई Technologies में से एक है.

AI के Healthcare क्षेत्र में काम 

आज के युग में बिमारी एक बहुत बड़ी समस्या है और उसका इलाज ढूढना एक और समस्या है जिसमे बहुत ही ज्यादा समय और पैसे की बर्बादी होती है. हम AI का इस्तेमाल करके बीमारियों के इलाज में लगने वाले पैसे को हम घटा सकतें है और किसी भी pateint को कम पैसों में भी ठीक किया जा सकता है, जैसे की अगर किसी डॉक्टर को किसी patient का ऑपरेशन करना है तो वह उस patient का ऑपरेशन AI Surgery Robot को operate करके उस patient का ऑपरेशन कई किलोमीटर दूर से भी कर सकता है.

इसीलिए आज hospitals AI technology का इस्तेमाल बीमारियों को ठीक करने में भी कर रही हैं, IBM Watson एक कंपनी है जो की Healthcare Technology का निर्माण करती है आज कल ऐसे हाथ घडी का निर्माण होने लगा है जो की आपके Heart से सम्बंधित कई जानकारियों को आपको बता सकती है जिससे आप अपने सेहत के बारे में अच्छी तरह से पता लगा सकतें है.

AI के  Education क्षेत्र में काम 

AI की सहायता से student को पढ़ने में काफी आसानी होगी Homework देने, answer sheets को जांचने के लिए हम Artificial Intelligence की सहायता ले सकतें है जिससे Educators का काफी समय भी बचेगा.

student को पढ़ाने के लिए AI Robots का भी इस्तेमाल किया जाएगा जिससे ये रोबोट्स students को काफी स्मार्ट तरीके से पढ़ा सकतें है. Video Lectures का इस्तेमाल करके students किसी भी concept को आसानी से समझ सकतें है.

जब भी आप Youtube पर कोई भी video देखतें हैं तो Youtube के AI सिस्टम को यह मालूम पड़ जाता है की आप क्या देखना पसंद करतें हैं और किस topic पर, वैसे ही students के लिए भी youtube और इसके जैसी और भी एजुकेशन से सम्बंधित app students के topic के हिसाब से उन्हें video recommned करती है.

AI के Business क्षेत्र में काम 

AI का इस्तेमाल Business में काफी ज्यादा होने लगा है, AI का इस्तेमाल करके कोई भी कंपनी यह मालूम कर सकती है की भविष्य में होने अपने stock को कैसे बढ़ाना है और किस तरह कंपनी के loss को कम किया जाए और Benefits बढ़ाया जाए.

कई कम्पनीज अपने वेबसाइट पर chatbot का इस्तेमाल करती हैं जो की उनके customers को कमपनीज़ से जुड़ने के लिए काफी मदद करता है. Machine Learning Algorithms का इस्तेमाल करके कम्पनीज अपने performance को देख सकती है

AI के Manufacturing  क्षेत्र में काम 

2035 तक Manufacturing sector में करीब 40% Artificial Intelligence का इस्तेमाल किया जाएगा Manufacturing में किसी भी product की जांच करने के लिए AI का ही इस्तेमाल किया जाएगा.  AI का इस्तेमाल करके यह मालूम किया जा सकेगा की किस product में defect हो सकता है. Machines के maintanance का ख्याल भी AI सिस्टम ही करेगा.

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